रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुशासन तिहार के अंतर्गत आरंग विकासखंड के ग्राम कोसरंगी पहुंचकर ग्रामीण विकास, आर्थिक सशक्तिकरण और जनकल्याणकारी योजनाओं की जमीनी प्रगति का अवलोकन किया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने चौपाल कार्यक्रम में स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीणों को पट्टे वितरित कर वैधानिक अधिकार प्रदान किए। इसके साथ ही उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) अंतर्गत संचालित आजीविका सेवा केंद्र का निरीक्षण कर महिलाओं की आजीविका गतिविधियों की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने चौपाल को संबोधित करते हुए कहा कि स्वामित्व योजना ग्रामीणों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने वाली महत्वपूर्ण पहल है। इस योजना के माध्यम से आबादी भूमि और संपत्ति का आधिकारिक रिकॉर्ड उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को अपनी जमीन और मकान पर कानूनी अधिकार प्राप्त हो रहा है।
उन्होंने कहा कि यह केवल पट्टा वितरण नहीं, बल्कि ग्रामीणों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संपत्ति का वैधानिक अधिकार मिलने से ग्रामीणों को बैंक से ऋण लेने में सुविधा होगी तथा प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवश्यक दस्तावेज आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वामित्व योजना के तहत छह हितग्राहियों को पट्टे वितरित किए। पट्टा प्राप्त करने के बाद हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री और राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।
इसके बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ग्राम कोसरंगी में बिहान समूह के आजीविका सेवा केंद्र का अवलोकन किया और समूह से जुड़ी महिलाओं से संवाद किया।
समूह की अध्यक्ष गीता वर्मा ने बताया कि केंद्र में हल्दी-मिर्ची प्रसंस्करण, गेहूं पिसाई और धान बीज क्रय-विक्रय जैसी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, जिससे महिलाओं को नियमित आय मिल रही है।
मुख्यमंत्री ने महिलाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि बिहान जैसी पहलें ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बना रही हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से शासन-प्रशासन गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रहा है और त्वरित समाधान सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, संभागायुक्त श्याम धावड़े, कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

