बिलासपुर। भारतमाला परियोजना से जुड़े बहुचर्चित जमीन घोटाले में मुख्य आरोपी एसडीएम निर्भय कुमार साहू को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने उन्हें हिरासत में लेकर कोर्ट में पेश किया।
आरोप है कि एसडीएम साहू ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए शासन को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाया। इस मामले में तत्कालीन नायब तहसीलदार लखेश्वर प्रसाद किरण, पटवारी दिनेश पटेल, लेखराम देवांगन और जमीन दलाल हरमीत खनूजा सहित अन्य लोगों की भी संलिप्तता बताई जा रही है।
जांच के अनुसार, आरोपियों ने नायक बांधा, उगेतरा, उरला, भीलवाडीह और टोकरी क्षेत्र की जमीनों को छोटे-छोटे हिस्सों में विभाजित कर सरकार से अधिक मुआवजा हासिल किया और उसे आपस में बांट लिया। इतना ही नहीं, कुछ जमीनों पर दोबारा मुआवजा दिलाकर भी सरकारी खजाने को चूना लगाया गया।
बताया जा रहा है कि इस घोटाले से शासन को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। मामले में सुप्रीम कोर्ट से भी आरोपी को कोई राहत नहीं मिली, जिसके बाद एसीबी ने कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारी की।
सूत्रों के मुताबिक, क्षेत्र में सरकारी जमीनों पर भूमाफियाओं का कब्जा लंबे समय से बना हुआ है और कई बार उनकी खरीद-फरोख्त कर उन्हें वैध रूप देने की कोशिश की गई है। यदि पूरे मामले की गहराई से जांच की जाए, तो अरबों रुपये के घोटाले का खुलासा हो सकता है।
फिलहाल एसीबी मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई है।

