दुर्ग/भिलाई। भिलाई नगर निगम में विकास कार्यों में कथित कमीशनखोरी और गुणवत्ताहीन निर्माण को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। वार्ड 22 कुरूद में 15वें वित्त आयोग की राशि से बनी सड़क निर्माण में भारी अनियमितता के आरोप लगे हैं। सड़क बनने के महज दो महीने के भीतर ही जर्जर हो गई, लेकिन इसके बावजूद ठेकेदार को लाखों रुपए का भुगतान कर दिया गया। मामले को लेकर महापौर नीरज पाल ने दुर्ग कलेक्टर को पत्र लिखकर संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की मांग की है।
78 लाख की सड़क दो महीने में उखड़ी
जानकारी के मुताबिक वार्ड 22 कुरूद में दो सड़कों के निर्माण के लिए करीब 78 लाख 30 हजार रुपए का टेंडर मेसर्स शशांक जैन को दिया गया था। लेकिन सड़क निर्माण के कुछ ही समय बाद सड़क पूरी तरह उखड़ने लगी और गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में भारी लापरवाही बरती गई और घटिया सामग्री का उपयोग किया गया। सड़क की हालत देखकर यह अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं कि निर्माण में भ्रष्टाचार हुआ है।
ब्लैकलिस्ट की सिफारिश के बाद भी मिला भुगतान
मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जोन 2 आयुक्त एशा लहरे ने गुणवत्ता और निर्माण में देरी को लेकर ठेकेदार को दो बार नोटिस जारी किया था। जवाब नहीं मिलने पर 11 जून 2025 को निगम कमिश्नर को पत्र लिखकर ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की अनुशंसा भी की गई थी।
इसके बावजूद ठेकेदार ने बाद में पीडब्ल्यूडी ऑफिस दुर्ग से गुणवत्ता रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी और 29 सितंबर 2025 को करीब 15 लाख 43 हजार रुपए का रनिंग बिल पास करा लिया। इसके बाद जनवरी 2026 में दूसरा रनिंग बिल करीब 35 लाख 25 हजार रुपए का भी जारी कर दिया गया।
महापौर ने कमिश्नर की कार्यशैली पर उठाए सवाल
महापौर नीरज पाल ने निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब निर्माण गुणवत्ता पर खुद अधिकारी सवाल उठा रहे थे, तब ठेकेदार को भुगतान कैसे किया गया। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
वहीं निगम कमिश्नर राजीव पांडेय का कहना है कि अधिकारियों की जानकारी के बिना निर्माण कार्य किया गया। अब संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
मामले ने पकड़ा राजनीतिक तूल
करीब 50 लाख रुपए से अधिक भुगतान के बाद ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की तैयारी पर अब सवाल खड़े हो रहे हैं। मामले को लेकर नगर निगम और प्रशासन की कार्यशैली पर विपक्ष भी हमलावर हो गया है।

