रायपुर/भिलाई। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती घोटाले से जुड़े मामले में जांच एजेंसियों की कार्रवाई तेज हो गई है। परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक के रायपुर स्थित निवास और राज्यपाल के पूर्व सचिव अमृत खलखो के भिलाई स्थित घर पर जांच की जा रही है। अधिकारियों द्वारा चयन प्रक्रिया और संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, अमृत खलखो के डिप्टी कलेक्टर बने बेटे और बेटी के चयन से जुड़े दस्तावेजों के साथ-साथ संपत्ति संबंधी रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।
क्या है CGPSC भर्ती घोटाला?
यह मामला वर्ष 2020 से 2022 के बीच आयोजित राज्य सेवा परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़ा है। आरोप है कि चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता की अनदेखी कर प्रभावशाली राजनीतिक और प्रशासनिक परिवारों से जुड़े अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाया गया।
जांच के दायरे में डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी सहित कई राजपत्रित पदों पर हुई नियुक्तियां भी शामिल हैं।
योग्य अभ्यर्थियों की अनदेखी के आरोप
आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान कई योग्य अभ्यर्थियों की अनदेखी की गई, जबकि कुछ प्रभावशाली परिवारों से जुड़े उम्मीदवारों का चयन किया गया। मामले के सामने आने के बाद प्रदेश सरकार ने इसकी जांच केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) को सौंप दी थी।
पूर्व अध्यक्ष पर गंभीर आरोप
जांच एजेंसी के अनुसार, तत्कालीन CGPSC अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी पर अपने पद का दुरुपयोग कर रिश्तेदारों और करीबी लोगों को अनुचित लाभ पहुंचाने के आरोप लगाए गए हैं।
प्रश्नपत्र लीक के भी आरोप
जांच में यह भी आरोप सामने आया है कि एक निजी कंपनी से CSR मद के तहत लगभग 45 लाख रुपए एक एनजीओ को दिए गए थे, जिसकी अध्यक्ष कथित रूप से तत्कालीन अध्यक्ष की पत्नी थीं। जांच एजेंसी इस पहलू की भी पड़ताल कर रही है कि क्या इसके बदले प्रश्नपत्र लीक या अन्य अनुचित लाभ दिए गए थे।
जांच जारी
जांच एजेंसियों का कहना है कि दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।
नोट: मामले में लगाए गए आरोप जांच के अधीन हैं। अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच एजेंसी और न्यायालय की प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होंगे।

