रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार राज्य की उच्च शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और रोजगारोन्मुख बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में शुरू की गई ‘उत्कृष्टता केंद्र (Center of Excellence) योजना’ का उद्देश्य युवाओं को केवल डिग्री तक सीमित न रखकर उन्हें आधुनिक तकनीकी कौशल, अनुसंधान और नवाचार से जोड़ना है। सरकार का लक्ष्य छत्तीसगढ़ को एक ज्ञान-आधारित और प्रगतिशील राज्य के रूप में स्थापित करना है।
कौशल और रोजगार के बीच की दूरी होगी कम
राज्य में लंबे समय से उच्च शिक्षा मुख्य रूप से सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित रही है। इसके कारण छात्रों की डिग्री और उद्योगों की वास्तविक जरूरतों के बीच अंतर बना रहा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स, डिजिटल स्किलिंग और आधुनिक तकनीकों की मांग के अनुरूप युवाओं को तैयार करने के लिए यह योजना शुरू की गई है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप राज्य सरकार कॉलेजों को बहुआयामी और अनुसंधान आधारित संस्थानों के रूप में विकसित करेगी।
36 कॉलेज बनेंगे उत्कृष्टता केंद्र
योजना के तहत राज्य के 36 प्रमुख महाविद्यालयों को उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इनमें 3 हजार से अधिक विद्यार्थियों वाले कॉलेज शामिल हैं।
- प्रथम चरण में 25 कॉलेजों के लिए प्रति कॉलेज 3 करोड़ रुपये का प्रावधान।
- अगले चरण में चयनित प्रमुख संस्थानों को 15 करोड़ रुपये तक की विशेष वित्तीय सहायता।
- राज्य रिसर्च एवं इनोवेशन योजना के माध्यम से शोध और नवाचार को बढ़ावा।
शिक्षा के पांच प्रमुख स्तंभ
1. अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं
विज्ञान, कंप्यूटर साइंस, तकनीकी और कृषि विषयों के लिए आधुनिक लैब स्थापित की जाएंगी, जिससे विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण मिल सके।
2. डिजिटल लर्निंग सेंटर
स्मार्ट क्लासरूम, हाई-स्पीड इंटरनेट और ई-लाइब्रेरी के जरिए छात्रों को वैश्विक ज्ञान संसाधनों से जोड़ा जाएगा।
3. रिसर्च एवं इनोवेशन लैब
कृषि, जनजातीय कला, हर्बल चिकित्सा और खनन जैसे स्थानीय विषयों पर शोध को प्रोत्साहन मिलेगा।
4. रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण
कोडिंग, आईटी स्किल, उद्यमिता और स्टार्टअप इनक्यूबेशन के माध्यम से छात्रों को रोजगार के लिए तैयार किया जाएगा।
5. करियर एवं प्लेसमेंट गाइडेंस
UPSC, CGPSC, बैंकिंग और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के साथ प्लेसमेंट और करियर काउंसलिंग की सुविधा उपलब्ध होगी।
छात्रों को मिलेगा सीधा लाभ
चयनित कॉलेजों के विद्यार्थियों को इन सुविधाओं का लाभ बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के मिलेगा। सरकार का प्रयास है कि ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों के छात्र भी आधुनिक शिक्षा और तकनीकी संसाधनों तक आसानी से पहुंच सकें।
पलायन रुकेगा, बढ़ेगा स्थानीय रोजगार
सरकार का मानना है कि जब राष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं छात्रों को अपने जिले में ही उपलब्ध होंगी, तब बड़े शहरों की ओर पलायन कम होगा। इससे स्थानीय स्तर पर स्टार्टअप, नवाचार और नए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का विजन
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का कहना है कि छत्तीसगढ़ के युवा प्रतिभाशाली हैं। उन्हें सही अवसर और आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं तो वे केवल नौकरी पाने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले बन सकते हैं। उत्कृष्टता केंद्र योजना इसी सोच को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

