रायगढ़ जिले की पुलिसिंग को नया नेतृत्व मिलने के साथ ही कानून-व्यवस्था को लेकर स्पष्ट और सख्त दिशा सामने आई है। नव पदस्थ उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने बुधवार को पुलिस नियंत्रण कक्ष रायगढ़ में आयोजित परिचयात्मक बैठक के दौरान जिले के प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से संवाद किया और अपनी प्राथमिकताओं को साझा किया।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने अपने सेवाकाल का परिचय देते हुए बताया कि वर्ष 1997 में डीएसपी के रूप में चयन के बाद उन्होंने राज्य के विभिन्न जिलों और बटालियनों में महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन किया है। उन्होंने कहा कि पुलिस का मूल उद्देश्य अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना और अपराधियों को कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा दिलाना है। रायगढ़ पुलिस इसी लक्ष्य को केंद्र में रखकर पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कम्युनिटी पुलिसिंग को पुलिस व्यवस्था की मजबूत कड़ी बताते हुए कहा कि पुलिस और आम नागरिकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाएगा। इससे आमजन का पुलिस पर विश्वास और अधिक मजबूत होगा और पुलिस सेवा एक भरोसेमंद माध्यम के रूप में स्थापित होगी।
उन्होंने साइबर अपराध को वर्तमान समय की सबसे बड़ी चुनौती बताते हुए कहा कि रायगढ़ जिले को नया साइबर पुलिस थाना मिलने से ऑनलाइन फ्रॉड, ठगी और डिजिटल अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा। आधुनिक तकनीक और संसाधनों से लैस यह साइबर थाना पीड़ितों को त्वरित राहत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
पत्रकारों के सवालों के जवाब में एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट किया कि जिले में अवैध जुआ, सट्टा, अवैध शराब और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों पर जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने मीडिया और आम नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल और प्रभावी कार्रवाई करेगी।
एसएसपी ने यह भी कहा कि पुलिस, समाज और मीडिया के संयुक्त प्रयासों से ही सुरक्षित, शांतिपूर्ण और अपराध-मुक्त रायगढ़ का निर्माण संभव है। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सोनी, उप पुलिस अधीक्षक सुशांतो बनर्जी सहित बड़ी संख्या में मीडिया प्रतिनिधि मौजूद रहे।

