महासमुंद। जिले के तेंदूकोना धान खरीदी केंद्र में बड़ी वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। भौतिक सत्यापन के दौरान धान की मात्रा कम पाए जाने पर धान खरीदी प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। यह कार्रवाई जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित रायपुर की तेंदूकोना शाखा द्वारा की गई है।
तेंदूकोना थाने में दर्ज आवेदन के अनुसार, शाखा प्रबंधक श्रवण सिंह ठाकुर ने बताया कि प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्यादित तेंदूकोना के अंतर्गत संचालित धान उपार्जन केंद्र में 26 जनवरी 2026 को नायब तहसीलदार बागबाहरा एवं अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में धान स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया गया था।
जांच के दौरान ऑनलाइन रिकॉर्ड और मौके पर मौजूद धान की मात्रा में बड़ा अंतर सामने आया। ऑनलाइन रिपोर्ट के अनुसार उपार्जन केंद्र में 1,44,794 कट्टा धान उपलब्ध होना दर्शाया गया था, जबकि भौतिक सत्यापन में फड़ पर केवल 1,42,645 कट्टा धान ही पाया गया।
इस तरह कुल 2149 कट्टा धान कम पाया गया। समर्थन मूल्य 3100 रुपये प्रति कट्टा के आधार पर धान की कमी से शासन को लगभग 26 लाख 64 हजार 760 रुपये की आर्थिक क्षति होने का अनुमान लगाया गया है।
जांच रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया गया है कि धान खरीदी प्रभारी जोइधा राम साहू द्वारा वित्तीय अनियमितता की गई है। जांच के दौरान खरीदी प्रभारी एवं अन्य सहकर्मियों की उपस्थिति में धान फड़ के प्रत्येक स्टेक की गिनती की गई थी, जिससे कमी की पुष्टि हुई।
नायब तहसीलदार बागबाहरा, जिला महासमुंद द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन में भी इस गड़बड़ी की पुष्टि की गई है। रिपोर्ट के अनुसार नियमानुसार उपार्जन केंद्र तेंदूकोना में कुल 1,44,794 कट्टा यानी 57,917.60 क्विंटल धान की खरीदी की गई थी, जबकि भौतिक सत्यापन में 2149 कट्टा यानी 859.60 क्विंटल धान कम पाया गया।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(5) के तहत अपराध दर्ज कर प्रकरण को विवेचना में ले लिया है। पुलिस का कहना है कि आगे की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

