दुर्ग/रायपुर। 1 फरवरी 2026: केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए केंद्रीय बजट को लेकर छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दुर्ग में बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे पूरी तरह निराशाजनक, दिशाहीन और आम जनता के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि इस बजट में न तो कृषि के लिए कोई ठोस प्रावधान किया गया है और न ही उद्योगों को मजबूती देने की कोई स्पष्ट नीति नजर आती है।
भूपेश बघेल ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार ने शराब को महंगा और मछली को सस्ता कर दिया, लेकिन विकास की दिशा कहीं दिखाई नहीं देती। उन्होंने कहा कि मिडिल क्लास को इस बजट से बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया। बढ़ती महंगाई के दौर में आयकर में राहत न देना मध्यम वर्ग के साथ सीधा अन्याय है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने बजट के बाद शेयर बाजार में आई गिरावट का जिक्र करते हुए कहा कि यह बजट की कमजोरी को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ को बड़े उद्योगपतियों, विशेषकर अडानी समूह, के भरोसे छोड़ दिया है। भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी नीतियां आम जनता के हित में नहीं, बल्कि कॉर्पोरेट हितों को साधने वाली हैं।
उन्होंने राज्य में अवैध शराब कारोबार के बढ़ते मामलों और धान खरीदी में किसानों की अनदेखी का मुद्दा भी उठाया। भूपेश बघेल ने कहा कि डबल इंजन सरकार के दावे खोखले साबित हो रहे हैं और सबसे ज्यादा परेशानी छोटे और सीमांत किसानों को झेलनी पड़ रही है।
इधर, रायपुर में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने भी केंद्रीय बजट को लेकर सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि इस बजट में छत्तीसगढ़ के लिए कुछ भी नहीं है और यह राज्य के साथ धोखा करने जैसा है। दीपक बैज ने आरोप लगाया कि बजट में क्षेत्रीय असमानता साफ दिखाई देती है और जिन राज्यों में आने वाले समय में चुनाव हैं, वहां केंद्र सरकार ने विशेष फोकस किया है।
दीपक बैज ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के उस दावे पर भी सवाल उठाया, जिसमें कहा गया कि 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं। उन्होंने कहा कि यह दावा पिछले साल भी किया गया था और इस बार भी वही बात दोहराई गई है, जो पूरी तरह गलत है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बजट ने किसानों को ठगने का काम किया है।
पीसीसी अध्यक्ष ने कहा कि सरकार ने न तो पेट्रोल और डीजल के दाम कम किए और न ही एक्साइज ड्यूटी घटाई, जबकि आम जनता को इससे बड़ी राहत की उम्मीद थी। बजट आते ही शेयर बाजार में गिरावट आ गई, क्योंकि न महंगाई कम हुई और न ही गरीब और मध्यम वर्ग को कोई राहत मिली।
माइनिंग कॉरिडोर को लेकर भी दीपक बैज ने कड़ा विरोध जताया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ और केरल में माइनिंग कॉरिडोर बनाकर केंद्र सरकार अपने चहेते उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाना चाहती है। उनका आरोप है कि अगले ढाई वर्षों में पूरे छत्तीसगढ़ को बेचने की रणनीति पर काम किया जा रहा है और लगातार खनन के जरिए राज्य के प्राकृतिक संसाधनों की लूट की जा रही है।
कांग्रेस ने इस बजट को “हम दो, हमारे दो” की संज्ञा दी है। दीपक बैज ने घोषणा की कि छत्तीसगढ़ में माइनिंग कॉरिडोर निर्माण का कांग्रेस पुरजोर विरोध करेगी और जल्द ही प्रदेशभर में इसके खिलाफ आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं से चर्चा कर आगे की रणनीति तय की जाएगी।

