रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में साय कैबिनेट की अहम बैठक आयोजित की गई। यह बैठक सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित महानदी भवन मंत्रालय में शुरू हुई। बैठक में कैबिनेट के सभी मंत्री उपस्थित रहे। इस दौरान प्रदेश से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई और कई बड़े फैसलों पर मुहर लगाई गई।
कैबिनेट बैठक के बाद उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने लिए गए निर्णयों की जानकारी मीडिया को दी। बैठक में कानून-व्यवस्था, नशा नियंत्रण, पुलिस सुदृढ़ीकरण, स्टार्टअप नीति, आवासीय कॉलोनियों के हस्तांतरण, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रशासनिक सुधार से जुड़े अहम निर्णय लिए गए।
मंत्रिपरिषद ने मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए बड़ा निर्णय लेते हुए प्रदेश के 10 जिलों में जिला स्तरीय एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के गठन को मंजूरी दी है। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के मुख्य बजट में 100 नए पदों की स्वीकृति प्रदान की गई है। इनमें रायपुर, महासमुंद, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर, सरगुजा, कबीरधाम, जशपुर, राजनांदगांव और कोरबा जिले शामिल हैं।
कैबिनेट ने पुलिस मुख्यालय की विशेष शाखा के अंतर्गत स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप के गठन के लिए 44 नए पदों को भी मंजूरी दी है। यह विशेष टीम किसी भी बड़ी या आकस्मिक घटना, आतंकी खतरे या गंभीर सुरक्षा चुनौती की स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए प्रशिक्षित होगी।
मंत्रिपरिषद ने राज्य के विभिन्न एयरपोर्ट और हवाई पट्टियों पर उड़ान प्रशिक्षण संगठन की स्थापना का भी निर्णय लिया है। इसके संचालन के लिए दिशा-निर्देशों को स्वीकृति दी गई है। निजी सहभागिता से स्थापित होने वाले इन प्रशिक्षण केंद्रों से पायलट प्रशिक्षण, एयरो स्पोर्ट्स, हेलीकॉप्टर बंकिंग और एयरक्राफ्ट रिसाइकिलिंग जैसी सुविधाओं का विकास होगा। इससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
बैठक में छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-26 को भी मंजूरी दी गई। इस नीति के माध्यम से राज्य में स्टार्टअप ईकोसिस्टम को मजबूती मिलेगी और छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख नवाचार केंद्रों में शामिल करने की दिशा में कदम बढ़ेगा। इससे निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा और स्टार्टअप रैंकिंग में राज्य की स्थिति बेहतर होगी।
मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल और रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा निर्मित 35 पूर्ण आवासीय कॉलोनियों को नगर निगम और नगर पालिकाओं को सौंपने का निर्णय लिया है। हस्तांतरण के बाद इन कॉलोनियों में पानी, बिजली, सड़क और सफाई जैसी मूलभूत सुविधाएं नगरीय निकायों द्वारा उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे निवासियों को दोहरे रखरखाव शुल्क से राहत मिलेगी।
नवा रायपुर अटल नगर में शासकीय विभागों और निगम मंडलों के कार्यालयों के लिए एक वृहद बहुमंजिला भवन के निर्माण का भी निर्णय लिया गया है। इसमें विभिन्न विभागों को कार्यालयीन स्पेस आवंटित किया जाएगा, जिससे भूमि का बेहतर उपयोग सुनिश्चित हो सके।
सिरपुर और अरपा क्षेत्र के सुनियोजित विकास को गति देने के लिए संबंधित जिलों के कलेक्टरों को शासकीय भूमि आबंटन का अधिकार प्रदान किया गया है। दोनों विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरणों के अंतर्गत शासकीय भूमि का आबंटन एक रुपये प्रीमियम और भू-भाटक पर किया जाएगा।
मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति को प्रदेश में लागू करने की स्वीकृति भी दी है। इसके तहत राज्य के सभी विभाग केवल भारत सरकार द्वारा अनुमोदित क्लाउड सेवा प्रदाताओं से ही सेवाएं लेंगे। नीति के अनुसार कम प्राथमिकता वाले एप्लिकेशन का माइग्रेशन 2027-28 तक और उच्च प्राथमिकता सेवाओं का माइग्रेशन 2029-30 तक पूरा किया जाएगा।
कैबिनेट ने राज्य में डिजिटल अवसंरचना को मजबूत करने के लिए मोबाइल टावर योजना को भी मंजूरी दी है। इसके तहत मोबाइल नेटवर्क विहीन और वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में टावर स्थापित किए जाएंगे। इससे ई-गवर्नेंस, शिक्षा, स्वास्थ्य, आपातकालीन सेवाओं और प्रशासनिक पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा।

