बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में एक बार फिर अवैध अफीम की खेती का मामला सामने आया है। प्रशासन ने कुसमी थाना क्षेत्र के ग्राम त्रिपुरी में करीब साढ़े तीन एकड़ जमीन पर लगे अफीम के पौधों को नष्ट कर दिया।
इसके तुरंत बाद कोरंधा ग्राम पंचायत के ग्राम चंदाडांडी में भी करीब 9 एकड़ क्षेत्र में अफीम की खेती होने की सूचना मिलने पर प्रशासन और पुलिस ने देर रात बड़ा सर्च अभियान चलाया।
तलाशी अभियान में मिले बड़ी संख्या में पौधे
सर्च अभियान के दौरान बड़ी संख्या में अफीम के पौधे मिलने की जानकारी सामने आई है। मौके पर सरगुजा संभाग के कमिश्नर नरेंद्र कुमार दुग्गा भी पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। हालांकि प्रशासन की ओर से अभी विस्तृत आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है।
बताया जा रहा है कि जिस इलाके में अफीम की खेती मिली है, वह क्षेत्र पहले माओवादी गतिविधियों से प्रभावित रहा है।
जिलेभर में सघन जांच के निर्देश
जिले में अवैध मादक पदार्थों की खेती और तस्करी पर रोक लगाने के लिए कलेक्टर राजेंद्र कटारा और एसपी वैभव बैंकर ने पूरे जिले में सघन जांच के निर्देश दिए हैं।
वन और राजस्व क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है, जबकि सीमावर्ती इलाकों को संवेदनशील मानते हुए वहां प्राथमिकता से जांच की जा रही है।
अवैध खेती पर होगी सख्त कार्रवाई
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कहीं भी गांजा, अफीम, भांग या अन्य अवैध मादक पदार्थों की खेती या भंडारण पाया जाता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारियों को एनसीओआरडी की जिला स्तरीय समिति का सदस्य बनाया गया है, जो राजस्व, पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम के साथ संभावित स्थानों की जांच करेंगे।

