रायपुर। छत्तीसगढ़ में तेजी से बढ़ते शहरीकरण को ध्यान में रखते हुए वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा प्रस्तुत छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश (संशोधन) विधेयक 2026 को विधानसभा ने ध्वनिमत से पारित कर दिया। इस संशोधन का उद्देश्य अनियंत्रित विस्तार और अवैध प्लॉटिंग पर रोक लगाकर योजनाबद्ध विकास को बढ़ावा देना है।
विकास एजेंसियों का दायरा बढ़ाया गया
वित्त मंत्री ने बताया कि वर्तमान में नगर विकास योजनाएं मुख्यतः रायपुर विकास प्राधिकरण और नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण जैसे संस्थानों तक सीमित थीं। संशोधन के बाद अब राज्य शासन के अन्य अभिकरण, स्थानीय निकाय और सरकारी कंपनियां भी नगर विकास योजनाओं को लागू कर सकेंगी।
योजनाबद्ध विकास को मिलेगी गति
उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों जैसे मध्यप्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र में विभिन्न एजेंसियों की भागीदारी से बेहतर शहरी विकास देखने को मिला है। इसी तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी योजनाओं का विस्तार किया जा रहा है।
मास्टर प्लान और परियोजनाओं पर जोर
रायपुर मास्टर प्लान के अंतर्गत एमआर-43 मार्ग जैसी परियोजनाएं इस मॉडल की सफलता का उदाहरण हैं। नई व्यवस्था से औद्योगिक और आवासीय विकास को गति मिलेगी।
अवैध प्लॉटिंग पर सख्ती
संशोधन का मुख्य उद्देश्य अवैध प्लॉटिंग पर नियंत्रण स्थापित करना और उद्योग व आवास के लिए व्यवस्थित भूमि उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री ने बताया बड़ा कदम
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह निर्णय राज्य के शहरी विकास को नई दिशा देगा। उन्होंने कहा कि इस संशोधन से शहरों में बेहतर अधोसंरचना, सुव्यवस्थित आवास और उद्योगों के लिए उपयुक्त भूमि उपलब्ध हो सकेगी।
आधुनिक और सुव्यवस्थित शहरों की ओर कदम
सरकार का लक्ष्य छत्तीसगढ़ के शहरों को आधुनिक, संतुलित और भविष्य के अनुरूप विकसित करना है, जिससे नागरिकों को बेहतर जीवन गुणवत्ता मिल सके।

