रायपुर/अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के सीतापुर में भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो और राजस्व अधिकारियों के बीच उपजे विवाद के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। विधायक और उनके समर्थकों पर मारपीट का आरोप लगाने वाले राजापुर के नायब तहसीलदार तुषार मानिक को कलेक्टर ने पद से हटा दिया है। उन्हें आगामी आदेश तक अंबिकापुर कलेक्टर कार्यालय में संबद्ध (अटैच) किया गया है।
राजापुर उप-तहसील की कमान अब उमेश बाज के हाथ
कलेक्टर द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के तहत तुषार मानिक की जगह अब राजापुर उप-तहसील का अतिरिक्त प्रभार सीतापुर के तहसीलदार उमेश बाज को सौंपा गया है। प्रशासनिक गलियारों में चर्चा है कि इस कार्रवाई के बाद सीतापुर एसडीएम (SDM) फागेश सिन्हा पर भी गाज गिर सकती है। सूत्रों के मुताबिक, उनके स्थानांतरण का आदेश भी जल्द ही जारी होने की संभावना है।
आरोपियों के सरेंडर के बाद खत्म हुई थी राजस्व अधिकारियों की हड़ताल
गौरतलब है कि इस विवाद के विरोध में कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ के आह्वान पर प्रदेशभर के तहसीलदार और नायब तहसीलदार 28 मई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए थे। अधिकारी विधायक की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। हालांकि, बुधवार को मामले के दो नामजद आरोपियों—नाजिम राजा और पंकज गुप्ता—द्वारा पुलिस के समक्ष सरेंडर करने के बाद यह गतिरोध समाप्त हुआ। राजस्व मंत्री और विभागीय सचिव से सकारात्मक चर्चा के बाद सभी अधिकारी काम पर लौट आए हैं। [1]
जानिए क्या है पूरा विवाद?
- 27 मई की घटना: सरगुजा के सीतापुर में राजापुर उप-तहसील कार्यालय में नायब तहसीलदार तुषार मानिक और भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो के समर्थकों के बीच तीखी बहस और मारपीट हुई थी।
- क्रॉस एफआईआर: विधायक रामकुमार टोप्पो ने आरोप लगाया था कि नायब तहसीलदार ने उनकी चचेरी बहन से अभद्रता की थी। इसके बाद पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर काउंटर एफआईआर (क्रॉस केस) दर्ज की थी।
- जमानत पर रिहाई: बुधवार को सरेंडर करने वाले विधायक समर्थक नाजिम राजा और पंकज गुप्ता से पुलिस ने जरूरी कानूनी औपचारिकताएं (चेकलिस्ट) पूरी कराईं और दोनों को मुचलके पर रिहा कर दिया गया।

