नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने मानव उपयोग में आने वाली 16 फिक्स्ड डोज कॉम्बिनेशन (FDC) दवाओं के निर्माण, बिक्री और वितरण पर प्रतिबंध लगा दिया है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने कहा है कि इन दवा संयोजनों का उपयोग लोगों के स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकता है।
स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी गजट अधिसूचना में बताया गया है कि इन दवाओं में शामिल विभिन्न तत्वों को निश्चित मात्रा में मिलाकर तैयार किए गए संयोजनों के लाभ और आवश्यकता का कोई ठोस वैज्ञानिक आधार नहीं मिला है। इसी कारण इन पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया गया है।
एंटीबायोटिक और एलोवेरा आधारित दवाएं भी शामिल
प्रतिबंधित दवाओं की सूची में Amoxicillin + Serratiopeptidase और Amoxicillin + Serratiopeptidase + Lactobacillus Sporogenes जैसे एंटीबायोटिक संयोजन भी शामिल हैं। इनका उपयोग बैक्टीरियल संक्रमण के इलाज में किया जाता था।
इसके अलावा कई एलोवेरा आधारित दवा और स्किनकेयर कॉम्बिनेशन भी प्रतिबंधित किए गए हैं, जो आमतौर पर मेडिकल स्टोर पर आसानी से उपलब्ध रहते थे।
विशेषज्ञ समिति ने बताया था ‘अतार्किक’
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार वर्ष 2021 में विशेषज्ञ समिति ने इन दवा संयोजनों की समीक्षा की थी। बाद में मामला ड्रग टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड (DTAB) को भेजा गया।
बोर्ड ने इन दवा संयोजनों को ‘अतार्किक’ (Irrational Drug Combinations) मानते हुए उन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की थी। दवा कंपनियों को अपना पक्ष रखने और वैज्ञानिक प्रमाण प्रस्तुत करने का अवसर भी दिया गया था, लेकिन समीक्षा के बाद प्रतिबंध की सिफारिश बरकरार रखी गई।
एक साल में 50 से ज्यादा दवाओं पर कार्रवाई
स्वास्थ्य मंत्रालय पिछले एक वर्ष से ऐसे दवा संयोजनों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रहा है। मंत्रालय के मुताबिक बीते 12 महीनों में 50 से अधिक अतार्किक दवा संयोजनों पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है।
इससे पहले फरवरी 2026 में भी 29 विटामिन और मिनरल सप्लीमेंट कॉम्बिनेशन पर रोक लगाई गई थी।
क्यों लगाया गया प्रतिबंध?
मंत्रालय का कहना है कि प्रतिबंधित दवा संयोजनों में शामिल तत्वों को एक साथ देने से कोई स्पष्ट चिकित्सकीय लाभ साबित नहीं हुआ है। इसके विपरीत ये संयोजन मरीजों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं। इसी कारण इनके निर्माण, बिक्री और वितरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई गई है।

