छत्तीसगढ़ के चर्चित सेक्स सीडी कांड में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ सकती हैं। सीबीआई कोर्ट ने मामले में चार आरोपियों पर आरोप तय कर दिए हैं, वहीं भूपेश बघेल के खिलाफ सीबीआई की तरफ से दायर रिवीजन याचिका पर भी सुनवाई की तारीख तय कर दी गई है। अगली सुनवाई 7 मई को होगी।
छत्तीसगढ़ की राजनीति में सनसनी फैलाने वाले सेक्स सीडी कांड मामले में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। इस बहुचर्चित मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की विशेष अदालत ने चार आरोपियों — विनोद वर्मा, कैलाश मुरारका, विजय भाटिया और विजय पांड्या — के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं।
कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान इन चारों आरोपियों के खिलाफ प्रथम दृष्टया साक्ष्य पाए गए, जिसके आधार पर आगे की सुनवाई शुरू करने का आदेश दिया गया।इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का नाम भी एक बार फिर चर्चाओं में आ गया है।
दरअसल, सीबीआई ने भूपेश बघेल के खिलाफ एक रिवीजन याचिका दायर की है, जिस पर अब कोर्ट ने सुनवाई के लिए तारीख मुकर्रर कर दी है। कोर्ट ने रिवीजन याचिका पर रिकॉर्ड और तर्क प्रस्तुत करने के लिए 7 मई की तारीख तय की है।
भूपेश बघेल पहले भी इस मामले को लेकर कटघरे में खड़े होते रहे हैं। हालांकि उन्होंने हमेशा अपने ऊपर लगे आरोपों को राजनीतिक षड्यंत्र बताया है। लेकिन अब जब सीबीआई की ओर से फिर से कानूनी मोर्चा खोला गया है, तो बघेल के लिए मुश्किलें बढ़ना तय माना जा रहा है।
मामले की पृष्ठभूमि की बात करें तो यह सेक्स सीडी कांड वर्ष 2017 में सामने आया था, जिसमें एक कथित वीडियो के जरिये एक वरिष्ठ अधिकारी को फंसाने का आरोप लगा था। इसके बाद इस कांड ने प्रदेश की राजनीति को हिला कर रख दिया था। मामले की जांच पहले छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा की जा रही थी, लेकिन बाद में इसे सीबीआई को सौंप दिया गया था।

