रायपुर। नियमितीकरण समेत अलग-अलग मांगो को लेकर नेशनल हेल्थ मिशन यानी एनएचएम के तहत नियोजित अस्थाई कर्मचारियों का छत्तीसगढ़ में राज्य स्तर पर आन्दोलन जारी है। सरकार ने इन कर्मियों को अल्टीमेटम के साथ नोटिस भी थमाया है लेकिन कर्मचारी इस बार आप-पार की लड़ाई के मूड में नजर आ रहे है। सरकार ने ‘नो वर्क, नो पेमेंट’ का आर्डर जारी किया था जबकि कई जिलों के सीएमएचओ ने हड़ताली कर्मचरियों को नोटिस जारी कर काम में नहीं लौटने पर डिसमिस किये जाने की भी चेतावनी दी थी।
इस बीच खबर मिली है कि, कोरिया के 232 और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के 226 एनएचएम कर्मचारी विभागीय सख्ती के बावजूद काम पर नहीं लौटे है। ऐसे में अब आशंका जताई जा रही है कि जिले का स्वास्थ्य विभाग शासन के निर्देश पर इन कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त कर सकती है।
बात करें राजधानी रायपुर में जारी एनएचएम कर्मियों के आंदोलन की तो यहाँ हड़ताली कर्मचारियों ने रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल से भेंट कर खुद के साथ न्याय की मांग की है। उन्होंने सांसद को अपनी सभी मांगो से भी अवगत कराया है। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा है कि, एनएचएम कर्मचारियों की जायज़ मांगों का हर स्तर पर समर्थन होगा। उन्होंने इस मामले पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और प्रदेश के मुखिया विष्णुदेव साय से चर्चा की बात कही है।
इससे अलग प्रदेश के पूर्व डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव महासमुंद में जारी एनएचएम कर्मियों के हड़ताल में शामिल हुए। उन्होंने सरकार से कर्मचारियों की मांग पूरी करने की मांग की। इस दौरान उन्होंने बड़ा खुलासा भी किया। टीएस सिंहदेव ने बताया कि, उनकी सरकार ने एनएचएम कर्मियों से किया वादा पूरा नहीं किया था, यही वजह है कि, उन्हें चुनाव में हार मिली और सरकार भी चली गई। सिंहदेव ने कहा कि, जो सरकारें जनता काम नहीं करती, वो हारती है। हम लोग भी हारे, क्योंकि हम मांग पूरी नहीं कर पाए।

