नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में इंडिया गेट पर हैरान कर देने वाला नज़ारा देखने को मिला। यहाँ प्रदूषण के विरोध में एकजुट हुए कुछ युवा स्टूडेंट्स ने, पिछले दिनों मारे गये खूंखार नक्सली कमांडर माड़वी हिड़मा के समर्थन में पोस्टर लहराए और जमकर नारेबाजी की। इस प्रदर्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वहीं कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ऐसे छात्रों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
इस नारेबाजी का वीडियो सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए दिल्ली भाजपा इकाई ने लिखा है कि, “हाथ में पोस्टर प्रदूषण के नाम के और मुंह में नारे लाल सलाम के और नक्सलियों का समर्थन। अब तो साफ दिख रहा है, प्रदूषण का मुद्दा तो सिर्फ ढाल है, इनका असली मकसद आप समझ सकते हैं… क्योंकि 11 साल इन्हें प्रदूषण नहीं दिखा और 8 महीने की सरकार के विरोध में सड़कों पर हैं।
भाजपा इकाई ने आगे लिखा, “प्रदूषण एक गंभीर समस्या है और दिल्ली की भाजपा सरकार इसके लिए लगातार काम कर रही है, लेकिन देश-विरोधी एक तबका कैसे प्रदूषण की आड़ में नक्सलवाद को समर्थन देने पहुंचा यह देखिए और समझिए कि आखिर ऐसे प्रदर्शन किसके इशारे पर और क्यों आयोजित किए जा रहे हैं। देश को नक्सलवाद से मुक्त करने के अभियान में ऐसे लोग ही सबसे बड़ी बाधा हैं।”
इसी तरह जीतेंद्र प्रताप नाम के यूजर ने वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा, “दिल्ली में प्रदूषण के नाम पर विरोध प्रदर्शन बुलाया गया और नारे लगाए जा रहे हैं— कॉमरेड हिड़मा अमर रहे अमर रहे। कुख्यात आतंकी नक्सली हिड़मा का महिमामंडन किया जा रहा है। आखिर यह माओवादी, मार्क्सवादी, यह वामपंथी भारत के युवाओं को किस तरफ ले जाना चाहते हैं? और भारत के युवाओं को सोचना चाहिए कि जितने भी कम्युनिस्ट नेता, माओवादी नेता हैं, उनके बच्चे वेल सेटल हैं, कई के बच्चे विदेश में सेटल हैं— सीताराम येचुरी हों या डी. राजा यानी डेनियल राजा- उनके बच्चे वेल सेटल हैं और तुम्हारी ज़िंदगी यह बर्बाद कर रहे हैं।”
बहरहाल, दिल्ली में कुख्यात माओवादी हिड़मा के समर्थन में हुई नारेबाजी पर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री और गृह मंत्री विजय शर्मा ने भी प्रतिक्रिया दी है। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने प्रदर्शनकारियों को बच्चा बताया और कहा कि वह दिल्ली में बैठकर बस्तर की हालात को नहीं समझ सकते। वे जिस बस्तर को खुशहाल बता रहे हैं, वहां वे कभी गए ही नहीं हैं। वह उन सभी प्रदर्शनकारी स्टूडेंट्स से अनुरोध करते हैं कि वे एक बार बस्तर आएं और यहां की स्थिति को देखें। वह खुद ही पूरी व्यवस्था करेंगे।
विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर में अब जाकर हालात बदल रहे हैं और विकास के कार्य शुरू हुए हैं। इससे पहले वहां न ही स्कूल थे और न अस्पताल। प्रदर्शनकारियों को उचित मनोभाव से अपनी बात कहनी चाहिए। विजय शर्मा ने किसी तरह की साजिश के सवाल पर कहा कि, “दीर्घकालीन चीजें हैं, न कि कम समय की।” आप भी सुनें कि विजय शर्मा ने क्या कहा।

