रायपुर। लोकतंत्र में सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद ही सुशासन की असली कसौटी माना जाता है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ‘जनदर्शन’ के माध्यम से अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति की पीड़ा सुन रहे हैं और मौके पर ही उसके समाधान के निर्देश भी दे रहे हैं। इससे न केवल लोगों की उम्मीदें तेजी से पूरी हो रही हैं, बल्कि शासन-प्रशासन के प्रति नागरिकों का विश्वास भी मजबूत हो रहा है।
लोगों की जरूरतों, मांगों और समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई यह दर्शाती है कि संवेदनशीलता ही सुशासन का मूल आधार है। जब आमजन की उम्मीदों और आकांक्षाओं को मुख्यमंत्री की सहृदयता का संबल मिलता है, तब सही मायनों में अंत्योदय का सपना साकार होता है। आज आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में कुल 1950 आवेदन प्राप्त हुए।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के राजधानी स्थित शासकीय निवास कार्यालय में आयोजित जनदर्शन सेवा, संवेदना और समाधान का त्रिवेणी संगम बनकर सामने आया। मुख्यमंत्री श्री साय ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया कि जन सरोकारों से जुड़ी समस्याओं का त्वरित निराकरण उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने घंटों तक प्रदेश के दूर-दराज और कोने-कोने से आए फरियादियों की समस्याएं ध्यानपूर्वक सुनीं। लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक निर्देश दिए। इसके साथ ही कई जरूरतमंदों को तत्काल आर्थिक सहायता भी स्वीकृत की गई।

