बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले से एक महत्वपूर्ण और सियासी रूप से संवेदनशील मामला सामने आया है। बीजापुर विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 89 के विधायक विक्रम मंडावी के प्रस्तावित एक दिवसीय दौरे को सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र यादव द्वारा निरस्त कर दिया गया। इस फैसले के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार विधायक विक्रम मंडावी ने अपने विधानसभा क्षेत्र के कुछ ग्रामीण इलाकों का दौरा प्रस्तावित किया था। इस दौरान वे ग्रामीणों से संवाद, विकास कार्यों की समीक्षा और जनसमस्याओं के समाधान के उद्देश्य से क्षेत्र में जाने वाले थे। हालांकि पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा स्थिति का हवाला देते हुए दौरे की अनुमति रद्द कर दी। पुलिस सूत्रों का कहना है कि प्रस्तावित क्षेत्रों में नक्सली गतिविधियों की आशंका को देखते हुए यह निर्णय लिया गया।
मामले ने उस वक्त राजनीतिक रंग ले लिया जब पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सरकार एक ओर नक्सलवाद के खात्मे के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर जनप्रतिनिधियों को अपने ही विधानसभा क्षेत्र में जाने से रोका जा रहा है। बघेल ने इसे सरकार के दावों और जमीनी सच्चाई के बीच बड़ा विरोधाभास बताया।
उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हालिया बयानों का हवाला देते हुए सवाल उठाया कि यदि हालात सामान्य और सुरक्षित हैं, तो फिर जनप्रतिनिधियों की आवाजाही पर रोक क्यों लगाई जा रही है।
वहीं, विधायक विक्रम मंडावी ने भी प्रशासन के फैसले पर नाराजगी जताई है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह उनका विधानसभा क्षेत्र है और वे ग्रामीणों के बुलावे पर वहां जरूर जाएंगे। मंडावी ने कहा कि जनता से मिलना और उनकी समस्याएं सुनना उनका संवैधानिक और नैतिक दायित्व है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सुरक्षा उपलब्ध कराना पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी है और वे अपने जनप्रतिनिधि धर्म से पीछे नहीं हटेंगे।

