बिलासपुर। नगर निगम की सामान्य सभा के दौरान लिंगयाडीह क्षेत्र के मुद्दे को लेकर हंगामा हो गया। लिंगयाडीह के कुछ निवासी, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा और महेंद्र गंगोत्री के साथ कांग्रेस पार्षद दिलीप पाटिल लखीराम ऑडिटोरियम के बाहर सड़क पर धरने पर बैठ गए। नारेबाजी के बाद कांग्रेस के अन्य पार्षद भी सामान्य सभा छोड़कर बाहर आ गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची।
धरने पर बैठे कांग्रेसी पार्षदों और स्थानीय लोगों की मांग थी कि महापौर उनसे मुलाकात करें। हंगामे के बीच महापौर ने कहा कि कांग्रेस पार्षद दिलीप पाटिल राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास भवन में मिलने नहीं आए और सामान्य सभा में बाधा उत्पन्न की। महापौर ने कहा कि लिंगयाडीह का मामला न्यायालय में विचाराधीन है, निर्णय के बाद अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
इस दौरान भाजपा पार्षद बंधु मौर्य द्वारा पार्षद दिलीप पाटिल को ‘बदतमीज’ कहे जाने पर विवाद और बढ़ गया। कांग्रेसी पार्षदों और लिंगयाडीह के लोगों ने इसका विरोध करते हुए बंधु मौर्य को घेर लिया। काफी देर तक बहस चलती रही। स्थिति बिगड़ती देख अशोक विधानी ने हाथ जोड़कर माफी मांगी, जिसके बाद मामला कुछ शांत हुआ।
हालांकि, पार्षद विजय ताम्रकार की एक टिप्पणी के बाद फिर माहौल गर्मा गया। स्थिति को देखते हुए अशोक विधानी महापौर को लेकर वहां से निकल गए।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा ने कहा कि महापौर केवल भाजपा की नहीं, पूरे शहर की हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मिलने नहीं दिया जा रहा था, इसलिए वे सड़क पर बैठे। महेंद्र गंगोत्री ने कहा कि मेयर को जनता से मिलना चाहिए और जब तक मुलाकात नहीं होगी, धरना जारी रहेगा।
इधर नेता प्रतिपक्ष भरत कश्यप ने आरोप लगाया कि विपक्ष के पार्षदों के बाहर रहने के दौरान सभापति ने प्रस्ताव पारित कर सामान्य सभा समाप्त कर दी, जो उचित नहीं है। वहीं सभापति विनोद सोनी ने कहा कि समय दिया गया था, लेकिन कांग्रेसी पार्षद उपस्थित नहीं हुए, इसलिए नियमानुसार सभा समाप्त की गई।
पार्षद दिलीप पाटिल ने कहा कि उनके वार्ड की समस्या को लेकर लोग महापौर से मिलने आए थे, लेकिन उन्हें रोका गया। उन्होंने भाजपा पार्षदों पर महिलाओं से दुर्व्यवहार का भी आरोप लगाया। पार्षद सुनील सोनकर ने भाजपा पार्षद द्वारा ‘बदतमीज’ कहे जाने की निंदा की।
सभापति विनोद सोनी ने सामान्य सभा के बाहर धरना प्रदर्शन को अनुचित बताते हुए कहा कि अगली बैठक में संबंधित पार्षदों पर कार्रवाई पर विचार किया जाएगा।

