रायपुर। छत्तीसगढ़ के ‘शिमला’ के नाम से प्रसिद्ध मैनपाट में आयोजित तीन दिवसीय महोत्सव का दूसरा दिन सांस्कृतिक वैभव, उत्साह और जनसैलाब के नाम रहा। सुरों की मधुर गूंज, रंगारंग नृत्य प्रस्तुतियां और मेले की चहल-पहल ने पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया। मशहूर छत्तीसगढ़ी लोकगायिका अलका चंद्राकर और इंडियन आइडल फेम वैशाली रायकवार की शानदार प्रस्तुतियों ने देर रात तक दर्शकों को मंत्रमुग्ध किए रखा।
लोकसंगीत की मधुर सरिता में डूबा मैनपाट
कार्यक्रम की शुरुआत अलका चंद्राकर की भक्तिमय जसगीत प्रस्तुति से हुई, जिसने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया। इसके बाद ददरिया, सुवा गीत और पारंपरिक छत्तीसगढ़ी लोकधुनों की सुमधुर प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। उनकी सहज मंच प्रस्तुति और आत्मीय गायन शैली ने लोकसंस्कृति की जीवंत झलक पेश की।
दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। ठंडी फिजाओं के बीच संगीत और नृत्य का यह संगम देर रात तक चलता रहा।

