लखनऊ। ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हिंदुत्व को लेकर बड़ा बयान दिया है। एक राष्ट्रीय न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि वे तय समय के बाद यह बताएंगे कि योगी आदित्यनाथ “असली हिंदू” हैं या “नकली”।
शंकराचार्य ने बताया कि उन्होंने 40 दिन का अल्टीमेटम दिया था, जिसमें से 20 दिन बीत चुके हैं। उनका कहना है कि यदि उनके शास्त्रीय प्रश्नों का जवाब नहीं मिला, तो समय सीमा पूरी होने पर वे सार्वजनिक रूप से अपनी घोषणा करेंगे। उन्होंने 11 मार्च को लखनऊ कूच करने की बात भी कही है।
इंटरव्यू के दौरान शंकराचार्य ने भाजपा सरकार पर भी टिप्पणी की। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के भीतर दो तरह की विचारधाराएं दिख रही हैं। उनके अनुसार, एक पक्ष सख्त रुख अपनाए हुए है, जबकि दूसरा संतों और बटुकों का सम्मान कर स्थिति संभालने की कोशिश कर रहा है।
पूरा विवाद प्रयागराज में आयोजित माघ मेले से जुड़ा है। मौनी अमावस्या के दिन करोड़ों श्रद्धालु संगम स्नान के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने स्नान करने से इंकार कर दिया और अपनी पालकी बीच रास्ते से वापस अखाड़े की ओर मोड़ दी।
बताया जा रहा है कि इस दौरान उनके शिष्यों और उत्तर प्रदेश सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी के बीच बहस हुई थी। इसके बाद यह मामला धार्मिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया।
फिलहाल सबकी नजर शंकराचार्य द्वारा तय समय सीमा और 11 मार्च को होने वाले संभावित ऐलान पर टिकी है।

