रायपुर। छत्तीसगढ़ में साइबर ठगी के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन साइबर शील्ड’ के तहत रायपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ के जरिए 1.25 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में कार्रवाई करते हुए 58 लाख रुपये पीड़ित को वापस दिलाए हैं, जबकि शेष राशि को आरोपियों के बैंक खातों में होल्ड कर लिया गया है।
मुंबई क्राइम ब्रांच बनकर किया ठगी का खेल
प्रार्थी सपन कुमार ने शिकायत दर्ज कराई थी कि अज्ञात मोबाइल नंबर से कॉल कर ठगों ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया। आरोपियों ने उनके क्रेडिट कार्ड के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का झूठा मामला दर्ज होने की बात कहकर डराया।
इसके बाद पीड़ित को 24 घंटे व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर जुड़े रहने के लिए मजबूर किया गया और तथाकथित ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखकर करीब ₹1.25 करोड़ की ठगी कर ली गई।
58 लाख रुपये वापस, बाकी रकम होल्ड
मामले में थाना विधानसभा में अपराध क्रमांक 22/26 के तहत धारा 318(4), 3(5) BNS और 66(D) IT एक्ट में केस दर्ज किया गया।
पुलिस महानिरीक्षक अमरेश मिश्रा के निर्देश पर रेंज साइबर थाना रायपुर ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच करते हुए ठगी की राशि को विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर होते पाया, जिन्हें तत्काल होल्ड कराया गया।
कानूनी प्रक्रिया के तहत अब तक ₹58 लाख की राशि पीड़ित को वापस दिलाई जा चुकी है, जबकि बाकी पूरी रकम भी आरोपी से जुड़े खातों में होल्ड कर दी गई है।
गुड़गांव से मुख्य आरोपी गिरफ्तार
जांच के दौरान मुख्य आरोपी की पहचान सोमनाथ महतो (उम्र 27 वर्ष) के रूप में हुई, जो घटना के बाद लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था। पुलिस टीम को दिल्ली और हरियाणा भेजा गया, जहां से आरोपी को गुड़गांव से गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
साइबर अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई
पुलिस महानिरीक्षक अमरेश मिश्रा ने साइबर अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में तकनीकी जांच और त्वरित कार्रवाई से ठगी की रकम वापस दिलाने में सफलता मिल रही है।

