रायपुर। प्रवर्तन निदेशालय (ED) के रायपुर जोनल कार्यालय ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रायपुर–विशाखापट्टनम नेशनल हाईवे परियोजना से जुड़े भूमि अधिग्रहण मुआवजा घोटाले में 23.35 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क (अटैच) किया है। यह कार्रवाई PMLA 2002 के प्रावधानों के तहत की गई है।
EOW/ACB की FIR पर शुरू हुई जांच

ED ने यह जांच आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW)/एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB), छत्तीसगढ़ द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। इस मामले में भारतीय दंड संहिता (IPC) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत केस दर्ज किया गया था।
चार्जशीट पहले ही हो चुकी है दाखिल
मामले में विशेष न्यायालय (PC Act), रायपुर में हरमीत सिंह खनुजा और अन्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। ED अब इस पूरे मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं की जांच कर रही है।
मुआवजा घोटाले में बड़ी कार्रवाई
बताया जा रहा है कि नेशनल हाईवे परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण में मुआवजा वितरण के दौरान गड़बड़ी की गई थी, जिससे करोड़ों रुपये का घोटाला सामने आया। ED की इस कार्रवाई को इस मामले में अब तक की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।

