जशपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने गृह ग्राम बगिया में समृद्धि कमांड क्षेत्र विकास एवं जल प्रबंधन आधुनिकीकरण (एम-कैड) योजना के तहत बगिया दाबित उद्वहन सिंचाई प्रणाली के निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। इस मौके पर केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास राज्य मंत्री तोखन साहू, कृषि मंत्री रामविचार नेताम समेत बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बगिया समृद्धि एम-कैड योजना सिर्फ एक सिंचाई परियोजना नहीं, बल्कि “हर बूंद से अधिक उत्पादन” की सोच का मजबूत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह योजना जशपुर जिले को देश में आधुनिक दाबित सिंचाई प्रणाली का मॉडल बनाएगी।
जानकारी के अनुसार, इस परियोजना के तहत पारंपरिक नहरों की जगह आधुनिक प्रेसराइज्ड पाइप इरिगेशन नेटवर्क तैयार किया जाएगा। भूमिगत पाइपलाइन के जरिए जल का अपव्यय रुकेगा और किसानों को सालभर सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सकेगा।
यह योजना कांसाबेल विकासखंड के बगिया क्लस्टर में मैनी नदी पर बनाई जा रही है। इसके तहत बगिया, उसकुटी, रजोती, सुजीबहार, चोंगरीबहार, बांसबहार, डोकड़ा, सिकरिया समेत 13 गांवों के लगभग 4933 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि देशभर के 23 राज्यों में स्वीकृत 34 एम-कैड परियोजनाओं में छत्तीसगढ़ का बगिया क्लस्टर एकमात्र चयनित प्रोजेक्ट है। भारत सरकार ने इसके लिए 95.89 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं, जबकि कुल परियोजना लागत करीब 119 करोड़ रुपये है।
परियोजना में SCADA, IoT और सौर ऊर्जा आधारित आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा, जिससे जल का वैज्ञानिक और नियंत्रित उपयोग संभव होगा। अधिकारियों के मुताबिक, यह योजना अगले 6 महीने में पूरी कर ली जाएगी।

