रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुशासन और जनकल्याण के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूत करते हुए महतारी वंदन योजना की 27वीं किस्त जारी कर दी। इस दौरान प्रदेश की 68 लाख 52 हजार से अधिक महिलाओं के खातों में डीबीटी के माध्यम से 642 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि ट्रांसफर की गई।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजनांदगांव और आसपास के क्षेत्रों के विकास के लिए कई बड़ी घोषणाएं भी कीं।
मुख्यमंत्री ने राजनांदगांव-खैरागढ़ राजमार्ग के लिए 200 करोड़ रुपये की लागत से नए बाईपास निर्माण की घोषणा की। इसके अलावा टेड़ेसरा-घुमका-बाकल मार्ग के चौड़ीकरण के लिए 75 करोड़ रुपये और धनगांव-इंदामरा-बांकल मार्ग के लिए 30 करोड़ रुपये मंजूर किए गए।
शहरी विकास को लेकर भी सरकार ने बड़ा ऐलान किया। वार्ड क्रमांक 1, 2, 3 और 8 में विकास कार्यों के लिए प्रत्येक वार्ड को 25-25 लाख रुपये दिए जाएंगे। वहीं डोंगरगढ़ में मां बम्लेश्वरी मंदिर के पास 15 कमरों वाले सर्किट हाउस, हॉकी प्रशिक्षण के लिए नए खेल मैदान और महिला स्व-सहायता समूहों को फिर से रेडी-टू-ईट निर्माण की जिम्मेदारी देने की घोषणा भी की गई।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सुशासन तिहार सरकार की “जनता तक सीधी पहुंच” की कार्यशैली का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि 1 मई से शुरू हुआ सुशासन तिहार 10 जून तक चलेगा, जिसमें लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान में लापरवाही या देरी करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।
उन्होंने बताया कि ई-डिस्ट्रिक्ट प्रणाली के जरिए अब 400 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं और जल्द ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के लिए टोल-फ्री नंबर भी जारी किया जाएगा।
कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की जनसमर्पित कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि भीषण गर्मी के बावजूद मुख्यमंत्री लगातार जनता के बीच पहुंच रहे हैं, जो सुशासन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

