महासमुंद। जिले में यूरिया वितरण में अनियमितता सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। किसानों की शिकायतों और जांच रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर विनय लंगेह ने कृषि विभाग के दो वरिष्ठ अधिकारियों को निलंबित कर दिया। कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है।

निलंबित अधिकारियों में:
- वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी सुंदरलाल मिर्धा
- प्रभारी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी गंगा प्रसाद शरणागत
शामिल हैं।
खाद वितरण में लापरवाही के आरोप
दोनों अधिकारियों पर खाद वितरण में लापरवाही, विभागीय निर्देशों की अनदेखी और निगरानी में गंभीर कमी के आरोप लगे हैं।
प्रशासनिक जांच में सामने आया कि सरायपाली और बागबाहरा क्षेत्र में उस समय बड़ी मात्रा में यूरिया का वितरण किया गया, जब खेतों में फसल गतिविधियां सक्रिय नहीं थीं। इससे खाद वितरण प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए।
किसानों की शिकायत के बाद हुई जांच
सूत्रों के मुताबिक किसानों ने शिकायत की थी कि यूरिया वितरण में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही और जरूरत से ज्यादा खाद जारी की जा रही है। शिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने मामले की जांच कराई, जिसमें अधिकारियों की लापरवाही उजागर हुई।
कलेक्टर का सख्त संदेश
कलेक्टर विनय लंगेह ने साफ कहा है कि किसानों से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की अनियमितता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन अब जिले में खाद वितरण व्यवस्था की निगरानी और सख्ती बढ़ाने की तैयारी में है।

