नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर इन दिनों ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) जबरदस्त चर्चा में है। इंस्टाग्राम पर शुरू हुआ यह व्यंग्यात्मक और मीम आधारित अभियान बेहद कम समय में करोड़ों लोगों तक पहुंच गया। बताया जा रहा है कि पांच दिन से भी कम समय में इसके इंस्टाग्राम अकाउंट को 1.35 करोड़ से ज्यादा लोगों ने फॉलो किया, जबकि अब फॉलोअर्स की संख्या 1.51 करोड़ के पार पहुंच चुकी है।
BJP और कांग्रेस को छोड़ा पीछे
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ने इंस्टाग्राम फॉलोअर्स के मामले में बीजेपी और कांग्रेस जैसे बड़े राजनीतिक दलों के आधिकारिक अकाउंट्स को भी पीछे छोड़ दिया है। आमतौर पर इतनी बड़ी डिजिटल पहुंच हासिल करने में वर्षों लग जाते हैं, लेकिन CJP ने यह रिकॉर्ड कुछ ही दिनों में बना दिया।
भारत में ब्लॉक हुआ X अकाउंट
इसी बीच CJP का X (पूर्व ट्विटर) अकाउंट भारत में ब्लॉक कर दिया गया है। पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने इंस्टाग्राम पर वीडियो जारी कर दावा किया कि पहले अकाउंट हैक करने की कोशिश हुई और बाद में उसे भारत में “Withheld” कर दिया गया।
उन्होंने कहा कि अकाउंट दूसरे देशों में दिखाई दे रहा है, लेकिन भारत में ब्लॉक है। फाउंडर का आरोप है कि बिना किसी गलत गतिविधि के उनके अकाउंट पर कार्रवाई की गई।
आखिर क्या है ‘कॉकरोच जनता पार्टी’?
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की शुरुआत एक मीम और व्यंग्य आधारित डिजिटल अभियान के रूप में हुई थी। इसके पोस्ट में राजनीति, बेरोजगारी, सिस्टम, मीडिया और सामाजिक मुद्दों पर कटाक्ष देखने को मिलते हैं।
युवाओं के बीच इसका कंटेंट तेजी से वायरल हुआ और देखते ही देखते यह एक बड़ा सोशल मीडिया ट्रेंड बन गया। इसकी वेबसाइट पर इसे “आलसी और बेरोजगार युवाओं की आवाज” बताया गया है।
युवाओं में तेजी से बढ़ रही लोकप्रियता
सोशल मीडिया एक्सपर्ट्स का मानना है कि CJP की सफलता के पीछे मीम कल्चर, वायरल कंटेंट और इंस्टाग्राम एल्गोरिदम की बड़ी भूमिका है। इसके पोस्ट पर भारी संख्या में लाइक्स, शेयर और कमेंट्स आने से अकाउंट तेजी से वायरल हुआ।
कई युवाओं का कहना है कि इसका कंटेंट उनकी भावनाओं और मौजूदा सिस्टम के प्रति नाराजगी को दर्शाता है, इसलिए लोग इससे खुद को जुड़ा महसूस कर रहे हैं।
कौन हैं फाउंडर अभिजीत दीपके?
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के फाउंडर अभिजीत दीपके करीब 30 साल के हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक वे पॉलिटिकल कम्युनिकेशन स्ट्रैटजिस्ट हैं और डिजिटल मीडिया में राजनीतिक नैरेटिव बनाने का अनुभव रखते हैं।
उन्होंने पुणे से जर्नलिज्म की पढ़ाई की है और फिलहाल बोस्टन यूनिवर्सिटी में पब्लिक रिलेशन की पढ़ाई कर रहे हैं।
विपक्षी नेताओं का भी मिला समर्थन
CJP को लेकर कई विपक्षी नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी सोशल मीडिया पर समर्थन जताया है। इनमें टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा, कीर्ति आजाद और वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण जैसे नाम शामिल हैं।
‘कॉकरोच’ शब्द से कैसे शुरू हुआ अभियान?
बताया जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट में बेरोजगार युवाओं को लेकर हुई एक टिप्पणी में “कॉकरोच” और “परजीवी” जैसे शब्दों का इस्तेमाल हुआ था। इसी को आधार बनाकर अभिजीत दीपके ने इसे व्यंग्य और विरोध के प्रतीक में बदल दिया।
CJP के मैनिफेस्टो में क्या है?
पार्टी की वेबसाइट पर जारी मैनिफेस्टो में कई बड़े वादे किए गए हैं, जिनमें:
- महिलाओं को 50% आरक्षण
- दल बदलने वाले नेताओं पर 20 साल तक चुनाव लड़ने पर रोक
- चुनाव आयोग की जवाबदेही तय करना
- बड़े उद्योगपतियों से जुड़े मीडिया हाउस के लाइसेंस रद्द करना
- रिटायरमेंट के बाद CJI को राज्यसभा न भेजना
जैसी बातें शामिल हैं।
क्या 2029 चुनाव लड़ेगी CJP?
फिलहाल ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ एक सोशल मीडिया और व्यंग्य आधारित डिजिटल अभियान है। अभी तक इसके राजनीतिक दल के रूप में आधिकारिक रजिस्ट्रेशन की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि सोशल मीडिया पर इसकी लोकप्रियता को देखते हुए लोग सवाल पूछ रहे हैं कि क्या CJP भविष्य में चुनावी राजनीति में कदम रख सकती है।
सोशल मीडिया की ताकत का नया उदाहरण
CJP ने दिखा दिया है कि डिजिटल दौर में अगर कोई प्लेटफॉर्म युवाओं की भाषा और भावनाओं को पकड़ ले, तो वह कुछ ही दिनों में करोड़ों लोगों तक पहुंच सकता है। एक मीम पेज का राष्ट्रीय चर्चा का विषय बन जाना सोशल मीडिया की ताकत का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।

