रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बस्तर की समृद्ध संस्कृति, प्राकृतिक सुंदरता और सकारात्मक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को नई मजबूती मिल रही है। इसी कड़ी में जगदलपुर में आयोजित ‘मुस्कुराता बस्तर’ कार्टून कैनवास कार्यशाला में स्कूली बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
कार्यशाला में देश के विभिन्न राज्यों से आए वरिष्ठ कार्टूनिस्टों और कला विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को कार्टून और कैरिकेचर बनाने की बुनियादी तकनीकों का प्रशिक्षण दिया। विशेषज्ञों ने बताया कि किसी भी चित्र की प्रभावी शुरुआत सही सर्किल बनाने से होती है। इसके साथ ही रफ स्केच, आउटलाइन, रंगों के चयन और चेहरे के भावों को प्रभावी ढंग से उकेरने की तकनीक भी सरल तरीके से समझाई गई।
स्वामी आत्मानंद स्कूल के छात्र वंश साहू ने बताया कि इस प्रशिक्षण से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और कला के प्रति उनकी रुचि पहले से अधिक मजबूत हुई है।
सेजेस शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक-2 की छात्राएं भारती पांडे और पूनम ध्रुव ने कहा कि पहले उन्हें चित्रकला की सही शुरुआत करने में कठिनाई होती थी, लेकिन विशेषज्ञों के चरणबद्ध मार्गदर्शन से अब वे आसानी से कार्टून और कैरिकेचर तैयार कर पा रही हैं।
वहीं सेजेस नानगुर की छात्राएं अंजलि नाग और नैना मरकाम, तथा सेजेस जगदलपुर की छात्रा अक्षिता बाजपेई ने कहा कि वरिष्ठ कलाकारों का मार्गदर्शन उनकी कल्पनाशीलता को नई दिशा देगा और भविष्य में कला के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा प्रदान करेगा।
‘मुस्कुराता बस्तर’ कार्यशाला केवल बच्चों की कलात्मक प्रतिभा को निखारने तक सीमित नहीं रही, बल्कि कला के माध्यम से बस्तर की शांतिपूर्ण, रचनात्मक और सकारात्मक पहचान को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुई। इस आयोजन से बस्तर की सकारात्मक छवि को व्यापक मंच मिलने की उम्मीद है।


