छत्तीसगढ़ के रेल नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 9 सितंबर को ₹10,783 करोड़ की लागत वाली तीन मल्टीट्रैकिंग रेल परियोजनाओं को मंजूरी दी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस फैसले का स्वागत किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मजबूत रेल नेटवर्क प्रदेश के आर्थिक और औद्योगिक विकास का महत्वपूर्ण आधार है। नई परियोजनाओं से यात्री सुविधाओं के साथ उद्योग, व्यापार और माल परिवहन को भी गति मिलने की उम्मीद है।
बिलासपुर-पेंड्रा रेल कॉरिडोर की बढ़ेगी क्षमता
मंजूर परियोजनाओं में बिलासपुर (उसलापुर)-पेंड्रा रोड तीसरी लाइन और कटनी-पेंड्रा रोड चौथी लाइन छत्तीसगढ़ के लिए खास महत्व रखती हैं। अतिरिक्त रेल लाइन बनने से इस कॉरिडोर की क्षमता बढ़ेगी और रेल यातायात का दबाव कम करने में मदद मिलेगी।
इसका फायदा यात्री ट्रेनों के साथ मालगाड़ियों के संचालन को भी मिलेगा। बेहतर लाइन क्षमता से छत्तीसगढ़ की देश के अन्य हिस्सों से रेल कनेक्टिविटी और मजबूत होने की उम्मीद है।
656 किलोमीटर रेल नेटवर्क का विस्तार
तीनों परियोजनाओं से रेलवे नेटवर्क में करीब 656 किलोमीटर की वृद्धि होगी। इन्हें 2029-30 तक पूरा करने की योजना है।
परियोजनाएं पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के 14 जिलों को कवर करेंगी। इनके जरिए करीब 4,790 गांवों और लगभग 56 लाख आबादी को बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।
उद्योग और माल परिवहन को मिलेगी रफ्तार
छत्तीसगढ़ खनिज और औद्योगिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है। ऐसे में बेहतर रेल नेटवर्क उद्योगों के लिए लॉजिस्टिक्स को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकता है। इन रेल मार्गों से कोयला, सीमेंट, लोहा और इस्पात जैसी वस्तुओं का परिवहन भी होता है।
रेलवे के अनुसार, तीनों परियोजनाओं से करीब 27 मिलियन टन प्रति वर्ष अतिरिक्त माल ढुलाई क्षमता विकसित होने का अनुमान है। इससे उद्योगों को माल परिवहन की बेहतर सुविधा मिलने की संभावना है।
पर्यटन और धार्मिक स्थलों की कनेक्टिविटी भी होगी बेहतर
रेल नेटवर्क की क्षमता बढ़ने से पर्यटन और धार्मिक स्थलों तक पहुंच में भी सुधार की उम्मीद है। अचानकमार टाइगर रिजर्व, रतनपुर का मां महामाया मंदिर, मल्हार का पुरातात्विक क्षेत्र और खुटाघाट बांध जैसे प्रमुख स्थलों को बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ मिल सकता है।
बेहतर रेल संपर्क से इन क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय कारोबार और रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना है।
PM गति शक्ति के अनुरूप परियोजनाएं
केंद्र सरकार के अनुसार, ये परियोजनाएं PM गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अनुरूप तैयार की गई हैं। इनका उद्देश्य मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के साथ लोगों और वस्तुओं की आवाजाही को अधिक प्रभावी बनाना है।
रेलवे के मुताबिक, परियोजनाओं से करीब 12 करोड़ लीटर तेल आयात की बचत और लगभग 62 करोड़ किलोग्राम CO₂ उत्सर्जन में कमी आने का अनुमान है। इसका पर्यावरणीय प्रभाव करीब 2.48 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर बताया गया है।
CM साय ने PM मोदी और रेल मंत्री का जताया आभार
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने परियोजनाओं की मंजूरी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार जताया। उन्होंने कहा कि नई मल्टीट्रैकिंग परियोजनाएं ‘विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़’ के संकल्प को गति देंगी।
CM साय के मुताबिक, इन परियोजनाओं से प्रदेश में सुगम आवागमन, मजबूत कनेक्टिविटी, औद्योगिक विकास और रोजगार के नए अवसरों को बढ़ावा मिलेगा।


