दुर्ग की गौरी महिला स्व-सहायता समूह ने पानी पाउच व्यवसाय से बढ़ाई आय
दुर्ग, 19 सितंबर 2026। प्रधानमंत्री के 25 वर्षों के निस्वार्थ सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के संकल्पों को समर्पित ‘सेवा संकल्प’ अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण और स्वावलंबन का माध्यम बन रहा है। दुर्ग विकासखंड का गौरी महिला स्व-सहायता समूह सामूहिक प्रयास और आजीविका गतिविधियों के जरिए आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश कर रहा है।
12 महिलाओं ने मिलकर शुरू किया समूह
दुर्ग विकासखंड की 12 ग्रामीण महिलाओं को जोड़कर गौरी महिला स्व-सहायता समूह का गठन किया गया। नियमित बचत और छोटे स्तर पर आर्थिक गतिविधियों से शुरुआत करने के बाद समूह ने अपनी आजीविका बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ाए।
₹60 हजार की सहायता से खरीदी मशीन
व्यवसाय का विस्तार करने के लिए समूह ने क्लस्टर लेवल फेडरेशन (सीएलएफ) से लगभग ₹60,000 की वित्तीय सहायता प्राप्त की। इस राशि से पानी पाउच निर्माण मशीन खरीदी गई।
समूह की महिलाओं ने उत्पादन, पैकिंग और प्रबंधन की जिम्मेदारी स्वयं संभाली और व्यवसाय का संचालन शुरू किया।
मासिक आय बढ़कर हुई ₹20 हजार
शुरुआत में समूह की मासिक आय लगभग ₹10,000 थी। अब यह बढ़कर करीब ₹20,000 हो गई है। समूह की वार्षिक आय ₹2.40 लाख से अधिक पहुंच गई है।
सामूहिक प्रयास से आत्मनिर्भरता की मिसाल
गौरी महिला स्व-सहायता समूह की यह यात्रा बताती है कि नियमित बचत, वित्तीय सहयोग और सामूहिक प्रयासों से ग्रामीण महिलाएं स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ सकती हैं।
अपने श्रम, दृढ़ इच्छाशक्ति और सामूहिक निर्णय क्षमता के बल पर समूह की 12 महिलाएं आज गांव में महिला सशक्तिकरण और आजीविका का उदाहरण बन रही हैं।


