रायपुर, 01 अक्टूबर 2026। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के किसान अब पारंपरिक खेती के साथ उद्यानिकी फसलों को अपनाकर अपनी आय बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। ग्राम पंचायत देवरगांव, विकासखंड गौरेला के कृषक प्रमोद सिंह ने आधुनिक एवं उन्नत कृषि तकनीकों को अपनाकर फूलगोभी की व्यावसायिक खेती की और अपनी मेहनत को बेहतर आमदनी में बदला है।
प्रमोद सिंह ने लगभग 2 एकड़ क्षेत्र में फूलगोभी की खेती से अब तक करीब 1.50 लाख रुपए का लाभ अर्जित किया है।
उद्यानिकी विभाग से मिला तकनीकी मार्गदर्शन
प्रमोद सिंह पहले भी उद्यानिकी विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ ले चुके हैं। विभाग की ओर से उन्हें समय-समय पर उन्नत कृषि तकनीक, फसल प्रबंधन, नवीन उद्यानिकी गतिविधियों और विभागीय योजनाओं की जानकारी के साथ आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन दिया जाता रहा है।
इसी मार्गदर्शन और अपने कृषि अनुभव का उपयोग करते हुए उन्होंने फूलगोभी की व्यावसायिक खेती शुरू की।
वैज्ञानिक तकनीक और बेहतर प्रबंधन से मिला अच्छा उत्पादन
फसल की नियमित देखभाल, समय पर आवश्यक कृषि कार्य और वैज्ञानिक तकनीकों के उपयोग से प्रमोद सिंह को फूलगोभी की फसल से अच्छा उत्पादन प्राप्त हुआ। बाजार में उपज की बिक्री से अब तक करीब ₹1.50 लाख का लाभ मिलने से वे उत्साहित हैं।
इस सफलता से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और अब वे उद्यानिकी गतिविधियों को और विस्तार देने के लिए प्रेरित हुए हैं।
अन्य किसानों के लिए भी बनी प्रेरणा
प्रमोद सिंह की सफलता यह बताती है कि आधुनिक कृषि तकनीक, सही फसल चयन और बेहतर प्रबंधन को अपनाकर किसान खेती से अपनी आय बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।
उद्यानिकी विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन और किसान की मेहनत के समन्वय से खेती को अधिक लाभकारी व्यवसाय के रूप में विकसित करने में मदद मिल रही है। प्रमोद सिंह की पहल क्षेत्र के अन्य किसानों को भी उद्यानिकी फसलों की व्यावसायिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित कर रही है।


