नई दिल्ली। गुजरात के अहमदाबाद में बुधवार को करीब 10 निजी स्कूलों को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस, बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वॉड और अन्य सुरक्षा टीमें मौके पर पहुंचीं। स्कूल परिसरों की गहन तलाशी ली गई, लेकिन किसी भी स्कूल से कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई।
पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद धमकी को फर्जी बताया है। हालांकि, ईमेल भेजने वाले और उसके मकसद का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
सुबह स्कूलों में धमाके की दी गई थी धमकी
पुलिस के अनुसार, धमकी भरे ईमेल में दावा किया गया था कि बुधवार सुबह स्कूलों में बम धमाके किए जाएंगे। ईमेल भेजने वाले ने कथित तौर पर खुद को ‘खालिस्तान नेशनल आर्मी’ से जुड़ा बताया था।
हालांकि, अब तक की जांच में इस संगठन से धमकी का कोई संबंध सामने नहीं आया है। पुलिस ईमेल के स्रोत और इसे भेजने वाले व्यक्ति की पहचान करने में जुटी हुई है।
बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड ने की स्कूलों की जांच
धमकी की सूचना मिलते ही बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड (BDDS), डॉग स्क्वॉड और एंटी-सैबोटाज टीमों को स्कूलों में भेजा गया।
सुरक्षा टीमों ने स्कूलों की कक्षाओं, पूरे परिसर और आसपास के इलाकों की बारीकी से तलाशी ली। जांच के दौरान किसी भी स्कूल में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।
डीसीपी जोन-7 शिव वर्मा ने बताया कि सभी संबंधित स्कूलों की जांच की गई और फिलहाल कोई संदिग्ध चीज नहीं मिली है।
दिल्ली और अहमदाबाद के स्टेडियम को भी धमकी
धमकी भरे ईमेल में स्कूलों के अलावा दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम और अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम का भी जिक्र किया गया।
ईमेल में 1 नवंबर को दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम और 21 नवंबर को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में बम धमाके की धमकी दी गई थी।
इन तारीखों पर कथित तौर पर दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट आयोजित होने हैं। ऐसे में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां ईमेल की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए उसके स्रोत और भेजने वाले की पहचान में जुटी हैं।
ईमेल की जांच में जुटी पुलिस
फिलहाल पुलिस धमकी भरे ईमेल के तकनीकी स्रोत की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि तलाशी के दौरान किसी भी स्कूल में विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। इसके बावजूद सुरक्षा एजेंसियां ईमेल भेजने वाले तक पहुंचने के लिए जांच आगे बढ़ा रही हैं।


