रायपुर। राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे सेवा संकल्प अभियान के तहत सूरजपुर जिले में विशेष शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य पालन और स्वास्थ्य विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने ग्रामीणों को शासन की योजनाओं की जानकारी दी।
अधिकारियों ने ग्रामीणों को योजनाओं की पात्रता, आवश्यक दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया। साथ ही पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया।
कृषक उन्नति योजना में फसल विविधीकरण पर जोर
शिविर में कृषि विभाग ने कृषक उन्नति योजना की जानकारी देते हुए बताया कि धान के स्थान पर अन्य पात्र फसलों की खेती करने वाले किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार रुपये की आदान सहायता देने का प्रावधान है।
अधिकारियों ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए डिजिटल क्रॉप सर्वे और गिरदावरी में फसल की सही प्रविष्टि होना आवश्यक है। किसानों को फसल संबंधी जानकारी सही तरीके से दर्ज कराने के लिए भी जागरूक किया गया।
सिंचाई, कृषि यंत्रीकरण और किसान क्रेडिट कार्ड की जानकारी
शिविर में प्रधानमंत्री आशा योजना के तहत दलहन-तिलहन की खरीदी, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत मिलने वाले अनुदान और कृषि यंत्रीकरण पर उपलब्ध सब्सिडी की जानकारी दी गई।
इसके अलावा किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के माध्यम से ब्याजमुक्त ऋण की सुविधा के बारे में भी किसानों को बताया गया। आगामी धान खरीदी के दौरान किसी तरह की परेशानी से बचने के लिए किसानों से समय पर एग्रीस्टैक पंजीयन कराने की अपील की गई।
उद्यानिकी और मत्स्य पालन की योजनाओं की जानकारी
उद्यानिकी विभाग ने ग्रामीणों को मौसमी फसलों की खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। अधिकारियों ने उपलब्ध योजनाओं और कृषि के विविधीकरण से होने वाले लाभों की जानकारी दी।
वहीं, मत्स्य विभाग ने मछली बीज वितरण पर मिलने वाले अनुदान और मत्स्य पालन से जुड़े अवसरों के बारे में ग्रामीणों को बताया। पात्र हितग्राहियों को विभागीय योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवश्यक प्रक्रिया की जानकारी भी दी गई।
आयुष्मान कार्ड और मुफ्त उपचार की जानकारी
शिविर में स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं पर विशेष जोर दिया गया। ग्रामीणों को आयुष्मान कार्ड बनवाने और इसके माध्यम से मिलने वाले मुफ्त उपचार का लाभ लेने की जानकारी दी गई।
गर्भवती महिलाओं को जननी सुरक्षा योजना के तहत संस्थागत प्रसव कराने के लिए प्रेरित किया गया। इसके साथ ही सर्पदंश की स्थिति में बिना देरी किए नजदीकी अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकीय उपचार लेने की सलाह दी गई और एंटी स्नेक वेनम की उपलब्धता के बारे में भी बताया गया।
मातृ वंदना योजना और जन औषधि केंद्र की जानकारी
अधिकारियों ने ग्रामीणों को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के बारे में भी जानकारी दी। इसके अलावा जन औषधि केंद्रों पर उपलब्ध किफायती दवाइयों के बारे में बताया गया, ताकि लोग कम कीमत पर आवश्यक दवाइयां प्राप्त कर सकें।
ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए किया गया जागरूक
सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित इस शिविर का उद्देश्य ग्रामीणों को विभिन्न विभा


