रायपुर। बस्तर अंचल में चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से हुई मूसलाधार बारिश और ओडिशा के खातीगुड़ा व मुरान बांधों से छोड़े गए पानी के चलते भीषण बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। इस बीच जिला प्रशासन ने राहत और पुनर्वास कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता पहुंचाने की प्रक्रिया तेज कर दी है।
आपदा प्रभावित परिवारों को तत्काल आर्थिक संबल देने के उद्देश्य से अब तक कुल 9 करोड़ 39 लाख 29 हजार 898 रुपये की राहत राशि सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है।
मकान क्षति के लिए सबसे ज्यादा 8.78 करोड़ रुपये वितरित
जिला प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार राहत राशि का सबसे बड़ा हिस्सा मकानों की क्षतिपूर्ति के रूप में वितरित किया गया है। इसके तहत कुल 8 करोड़ 78 लाख 15 हजार 398 रुपये की सहायता दी गई है।
इसमें पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के लिए 8 करोड़ 2 लाख 23 हजार 391 रुपये और आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए 75 लाख 92 हजार 7 रुपये की सहायता शामिल है।
इसके अलावा घरों में रखे बर्तन और अन्य घरेलू सामान के नुकसान के एवज में प्रभावित परिवारों को 52 लाख 45 हजार रुपये की सहायता दी गई है।
जनहानि और पशुहानि के मामलों में भी मुआवजा
बाढ़ और आपदा में जनहानि के मामलों में आश्रितों को 8 लाख रुपये का मुआवजा दिया गया है। वहीं पशुहानि के मामलों में 69 हजार 500 रुपये की राहत राशि का त्वरित भुगतान किया गया है।
प्रशासन का प्रयास है कि आपदा से प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता जल्द से जल्द उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे संकट की स्थिति से उबरने की दिशा में आगे बढ़ सकें।
लंबित मकान क्षति के मामलों का भी जल्द होगा निराकरण
राज्य शासन के निर्देशों के तहत राजस्व अधिकारियों और मैदानी कर्मचारियों ने राहत कार्यों के साथ क्षति के प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाई है। इसी वजह से बड़ी राशि का त्वरित वितरण संभव हो सका है।
कलेक्टर आकाश छिकारा ने समीक्षा बैठक में निर्देश दिए हैं कि पूर्ण और आंशिक मकान क्षति के जो भी मामले लंबित हैं, उनका प्रा


