रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे युवा देश है और यही युवा शक्ति विकसित एवं सशक्त भारत के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत बनेगी। उन्होंने युवाओं से बड़े सपने देखने, अपनी रुचि के अनुरूप लक्ष्य निर्धारित करने और पूरी मेहनत एवं समर्पण के साथ उसे हासिल करने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जीवन में सफलता के लिए समय का सदुपयोग, निरंतर परिश्रम और लक्ष्य के प्रति दृढ़ संकल्प सबसे महत्वपूर्ण हैं।
मुख्यमंत्री साय राजधानी रायपुर के सड्डू में न्यूज 24 और लल्लूराम डॉट कॉम द्वारा आयोजित ‘जेन नेक्स्ट संवाद—यंग माइंड्स, मीनिंगफुल कन्वर्सेशंस’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने जेन-जी और जेन-अल्फा के विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया।
विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री से उनके जीवन के संघर्ष, राजनीति, शिक्षा, राज्य के आर्थिक विकास, प्रतियोगी परीक्षाओं और जल संरक्षण सहित विभिन्न विषयों पर सवाल पूछे। मुख्यमंत्री ने सहज और आत्मीय अंदाज में उनके सवालों के जवाब दिए और अपने जीवन के अनुभव साझा किए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बढ़ा भारत का मान-सम्मान
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री के रूप में जनता की सेवा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 वर्ष पूरे किए हैं। इस अवसर पर पूरे देश में सेवा संकल्प अभियान चलाया जा रहा है।
स्वच्छ भारत मिशन का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जब लाल किले की प्राचीर से स्वच्छता का आह्वान किया था, तब इसको लेकर सवाल भी उठाए गए थे। आज स्वच्छता जनजीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है।
उन्होंने कहा कि घर-घर शौचालय के निर्माण से महिलाओं के सम्मान और स्वास्थ्य की रक्षा हुई तथा गांवों को खुले में शौच से मुक्ति मिली। स्वच्छ भारत मिशन ने स्वच्छता के प्रति लोगों की सोच और व्यवहार में बड़ा बदलाव किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत सशक्त और समृद्ध राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि इन अभियानों ने दुनिया को भारत के सामर्थ्य और दृढ़ इच्छाशक्ति से परिचित कराया है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का संकल्प लिया है और आज वैश्विक स्तर पर भारत का मान-सम्मान बढ़ा है।
मुख्यमंत्री साय ने सुनाए अपने बचपन के अनुभव
युवाओं के साथ संवाद के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने विद्यार्थी जीवन की स्मृतियां भी साझा कीं। उन्होंने बताया कि जब वे जशपुर के बगिया गांव के प्राथमिक विद्यालय में पढ़ते थे, तब उनके स्कूल में पांचवीं बोर्ड की परीक्षा देने की व्यवस्था नहीं थी।
परीक्षा देने के लिए उन्हें कई किलोमीटर दूर दूसरे गांव जाना पड़ता था और वहां पांच दिनों तक रुकना पड़ता था। उस समय स्कूल भवन कच्चे होते थे और बारिश के दिनों में छत से पानी टपकता था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज परिस्थितियां पूरी तरह बदल चुकी हैं। छत्तीसगढ़ में शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से विस्तार हुआ है। उन्होंने बताया कि पहले प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज था, जबकि आज 15 मेडिकल कॉलेज हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि आज उन्हें शिक्षा के जो अवसर और सुविधाएं मिल रही हैं, उनका भरपूर सदुपयोग करें और अपने उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव तैयार करें।
मुख्यमंत्री साय बोले- कभी नहीं सोचा था सरपंच बनूंगा, ईश्वर ने मुख्यमंत्री तक पहुंचाया
बीबीए के छात्र अश्मित शिंदे ने मुख्यमंत्री से पूछा कि उन्हें मुख्यमंत्री बनने की प्रेरणा कैसे मिली। जवाब में मुख्यमंत्री साय ने अपने संघर्षपूर्ण जीवन को याद किया।
उन्होंने बताया कि वे जशपुर के बगिया जैसे छोटे गांव में पले-बढ़े हैं। करीब 10 वर्ष की उम्र में उनके पिता का आकस्मिक निधन हो गया। भाइयों में सबसे बड़े होने के कारण छोटी उम्र में ही मां, दादी और छोटे भाइयों की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने पढ़ाई के साथ खेती-बाड़ी संभाली और छोटे भाइयों को सक्षम बनाने का प्रयास किया। उस समय उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वे गांव के सरपंच बनेंगे।
उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में आगे बढ़ते हुए सरपंच से विधायक, सांसद, केंद्रीय राज्यमंत्री और फिर मुख्यमंत्री के रूप में प्रदेश की सेवा करने का अवसर मिला।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से कहा कि उन्होंने हमेशा ‘कर्म ही पूजा है’ के सिद्धांत को जीवन में अपनाया। जो भी जिम्मेदारी मिली, उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाने का प्रयास किया।
समय की कीमत समझें, रुचि के अनुसार बनाएं अपना लक्ष्य
छात्र करण भोसले ने मुख्यमंत्री से उनके जीवन का मूल मंत्र पूछा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को समय की कीमत समझनी चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि अभी उनका समय अध्ययन करने और भविष्य की मजबूत नींव तैयार करने का है। इस समय का जितना अधिक सदुपयोग करेंगे, भविष्य उतना ही बेहतर होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सपने हमें मेहनत करने की प्रेरणा देते हैं। हर युवा को अपनी रुचि पहचानकर उसी के अनुरूप लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए और उसे हासिल करने के लिए पूरी ऊर्जा के साथ प्रयास करना चाहिए।
‘जल है तो कल है’, जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान
कक्षा नौवीं के छात्र आदित्य राज तिवारी ने मुख्यमंत्री से पूछा कि स्कूली विद्यार्थी जल संरक्षण में किस तरह योगदान दे सकते हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ‘जल है तो कल है।’ उन्होंने कहा कि जलस्तर लगातार नीचे जा रहा है और यह पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय है।
उन्होंने केंद्र सरकार के ‘जल संचय-जनभागीदारी’ अभियान का उल्लेख करते हुए युवाओं से वर्षा जल संचयन को घर, स्कूल और समाज में प्रोत्साहित करने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कोरिया जिले के 5 प्रतिशत मॉडल और राजनांदगांव में सोक पिट निर्माण की दिशा में किए जा रहे कार्यों का भी उल्लेख किया।
2047 तक 75 लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य
छत्तीसगढ़ पब्लिक स्कूल के कक्षा 11वीं के छात्र मितांश सिंह ने प्रदेश के आर्थिक विकास को लेकर मुख्यमंत्री से सवाल किया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने वर्ष 2047 को ध्यान में रखते हुए अपना विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से संपन्न राज्य है और इन संसाधनों का बेहतर प्रबंधन कर प्रदेश की आय बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वर्ष 2047 तक 75 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने के लक्ष्य का उल्लेख किया।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए 17 प्रयास विद्यालय
छात्रा सानिया परवीन ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए राज्य सरकार की योजनाओं के बारे में पूछा।
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि प्रदेश में 17 प्रयास विद्यालय संचालित हैं, जहां प्रशिक्षित शिक्षकों के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहयोग दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता और अधोसंरचना को लगातार बेहतर किया जा रहा है। केंद्र सरकार की पीएम योजना के तहत छत्तीसगढ़ के 341 स्कूल शामिल हैं। इन विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, प्रयोगशालाओं और आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं सहित अधोसंरचना का विकास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में नई शिक्षा नीति लागू की गई है। इसका उद्देश्य शिक्षा को केवल डिग्री तक सीमित न रखते हुए उसे संस्कार, कौशल और रोजगार से जोड़ना है।
युवाओं के साथ भक्ति गीतों का आनंद, प्रतिभाओं का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने युवाओं के साथ ‘भजन क्लबिंग’ के अंतर्गत आधुनिक अंदाज में प्रस्तुत भक्ति गीतों का आनंद लिया।
मुख्यमंत्री ने खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाले युवाओं को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम में गणमान्य नागरिकों, विद्यार्थियों और बड़ी संख्या में युवाओं की मौजूदगी रही।


