रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक कौशल प्रशिक्षण और उनकी योग्यता के अनुरूप रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के युवा अपने ही राज्य में अवसर प्राप्त कर आत्मनिर्भर बनें और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय रोजगार मेला–2026 के समापन समारोह में युवाओं को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने लगभग 1,100 चयनित युवाओं को ऑफर लेटर प्रदान किए और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
दो दिनों में 13 हजार से अधिक युवाओं ने लिया हिस्सा
7 और 8 अक्टूबर को आयोजित रोजगार मेले में प्रदेशभर से 13 हजार से अधिक युवाओं ने सहभागिता की। विभिन्न कंपनियों की चयन प्रक्रियाओं के बाद 5 हजार से अधिक अभ्यर्थियों का अंतिम चयन हुआ। मेले में प्रदेश के सभी जिलों के साथ दूरस्थ और जनजातीय अंचलों से भी बड़ी संख्या में युवा पहुंचे।
मुख्यमंत्री साय ने चयनित युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि रोजगार मिलना उनके जीवन में एक नई शुरुआत है। उन्होंने उम्मीद जताई कि युवा मेहनत, लगन और प्रतिभा के बल पर अपने परिवार के साथ प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे।
विष्णु देव साय सरकार के प्रयासों से 925 रोजगार मेले आयोजित
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में प्रदेशभर में 925 रोजगार मेलों का आयोजन किया गया है। इनके माध्यम से 25 हजार 845 से अधिक युवाओं को रोजगार मिला है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को शिक्षा, कौशल और रोजगार से जोड़ने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है।
साय ने कहा कि वर्तमान समय में केवल शैक्षणिक योग्यता ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यावहारिक कौशल और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण भी जरूरी है। इसी दिशा में सरकार शिक्षा से कौशल और कौशल से रोजगार तक युवाओं को जोड़ने का प्रयास कर रही है।
उच्च और तकनीकी शिक्षा के अवसरों का विस्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा की सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। प्रदेश में आईआईटी, आईआईएम, ट्रिपल आईटी, एम्स और विधि विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित संस्थान संचालित हैं। इसके अलावा, प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ‘प्रयास’ जैसी संस्थाओं के माध्यम से अवसर दिए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार शैक्षणिक और तकनीकी संस्थानों को उद्योगों की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने पर जोर दे रही है, ताकि युवाओं को बेहतर शिक्षा और रोजगार के अवसर प्रदेश में ही मिल सकें।
95 से अधिक नियोक्ता संस्थानों और कंपनियों की सहभागिता
राज्य स्तरीय रोजगार मेले में 95 से अधिक पंजीकृत नियोक्ता संस्थानों के साथ अन्य कंपनियों ने भी हिस्सा लिया। आयोजन स्थल पर लगभग 50 स्टॉल लगाए गए, जहां कंपनियों ने अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन, साक्षात्कार और चयन प्रक्रिया पूरी की।
मेले में आईटीआई, डिप्लोमा, इंजीनियरिंग, स्नातक सहित विभिन्न शैक्षणिक और व्यावसायिक योग्यताओं वाले युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए। रोजगार विभाग के साथ औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों, तकनीकी शिक्षा विभाग, पॉलिटेक्निक एवं इंजीनियरिंग महाविद्यालयों और छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण ने भी आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाई।
कौशल विकास कार्यक्रमों के तहत प्रशिक्षित युवाओं ने भी बड़ी संख्या में भाग लिया। इस तरह रोजगार मेला युवाओं, कंपनियों और शैक्षणिक संस्थानों के बीच सीधे संवाद और समन्वय का मंच बना।
ई-रोजगार पोर्टल को ‘स्किल मार्केट’ बनाने की तैयारी
रोजगार मेले में पंजीयन, आवेदन, उपस्थिति और चयन से जुड़ी प्रक्रियाओं को ई-रोजगार पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन संचालित किया गया। इससे चयन प्रक्रिया को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने में सहायता मिली।
राज्य सरकार की योजना ई-रोजगार पोर्टल को आगे ‘स्किल मार्केट’ के रूप में विकसित करने की है। इस एकीकृत डिजिटल मंच पर उद्योगों की जरूरतों, उपलब्ध रिक्त पदों और रोजगार चाहने वाले युवाओं की शैक्षणिक योग्यता एवं कौशल की जानकारी उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
इससे युवाओं को अपनी योग्यता के अनुसार अवसर तलाशने में मदद मिलेगी, वहीं उद्योगों को जरूरत के मुताबिक कुशल मानव संसाधन खोजने में सुविधा होगी।
रोजगार नहीं मिलने वाले युवाओं को भी निराश न होने की सलाह
मुख्यमंत्री साय ने उन युवाओं का भी उत्साहवर्धन किया, जिन्हें इस बार रोजगार नहीं मिल पाया। उन्होंने कहा कि उन्हें निराश होने की जरूरत नहीं है। राज्य सरकार रोजगार मेलों, कौशल विकास कार्यक्रमों और उद्योगों के साथ समन्वय के माध्यम से आगे भी नए अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास करती रहेगी।
तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर काम कर रही है। सरकार का उद्देश्य युवाओं को प्रशिक्षण देने के साथ उनके हुनर को वास्तविक रोजगार और आजीविका के अवसरों से जोड़ना है।
उन्होंने कहा कि रोजगार मेले में युवाओं की व्यापक भागीदारी उनके उत्साह और बेहतर भविष्य की आकांक्षाओं को दर्शाती है।
पॉलिटेक्निक संस्थानों की गुणवत्ता सुधार रिपोर्ट का विमोचन
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में प्रदेश के पॉलिटेक्निक महाविद्यालयों में शिक्षा और प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा तैयार थर्ड पार्टी मूल्यांकन रिपोर्ट का विमोचन किया गया।
रिपोर्ट में संस्थानों के शैक्षणिक स्तर, प्रशिक्षण व्यवस्था, उपलब्ध अधोसंरचना और गुणवत्ता सुधार की संभावनाओं का आकलन किया गया है। रिपोर्ट के सुझावों के आधार पर संस्थानों के विकास और प्रशिक्षण की गुणवत्ता बेहतर करने के लिए कार्ययोजना तैयार की गई है। इसका उद्देश्य तकनीकी शिक्षा को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप विकसित करना और विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता बढ़ाना है।
सेवा संकल्प अभियान का भी किया उल्लेख
मुख्यमंत्री साय ने सेवा संकल्प अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा के 25 वर्षों के उपलक्ष्य में प्रदेशभर में विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने रोजगार मेले को युवाओं को अवसरों से जोड़ने और जनसेवा की भावना को आगे बढ़ाने वाला प्रयास बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रोजगार मेले में शामिल होने से पहले वे दुर्ग में आयोजित ‘सेवा सेतु’ कार्यक्रम में पहुंचे थे, जहां महतारी वंदन योजना की 32वीं किस्त जारी करने के साथ विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं, युवाओं, किसानों, श्रमिकों और गरीबों सहित समाज के प्रत्येक वर्ग को सशक्त बनाकर विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रही है।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा, बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती वर्णिका शर्मा, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा, विधायक सुनील सोनी और विधायक रोहित साहू सहित जनप्रतिनिधि, औद्योगिक प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे।


