रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के युवाओं को आधुनिक तकनीकी कौशल और रोजगारपरक प्रशिक्षण से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। मंत्रालय महानदी भवन में मुख्यमंत्री की उपस्थिति में प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड आईटीआई (PM-SETU) योजना के तहत दुर्ग और बस्तर क्लस्टर के लिए क्रमशः भिलाई स्टील प्लांट (BSP) और एनएमडीसी लिमिटेड के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
इस पहल का उद्देश्य औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) में प्रशिक्षण को उद्योगों की वास्तविक जरूरतों से जोड़ना और युवाओं को आधुनिक तकनीक के अनुरूप कुशल बनाना है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि तेजी से बदलती तकनीक और औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप युवाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बोले- ITI बनेंगे आधुनिक कौशल और रोजगार के केंद्र
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में कौशल विकास को रोजगार और औद्योगिक प्रगति से जोड़ने के लिए व्यापक स्तर पर काम किया जा रहा है। पीएम-सेतु योजना इसी सोच का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में आईटीआई को केवल प्रशिक्षण संस्थानों तक सीमित न रखकर आधुनिक कौशल, नवाचार, रोजगार और उद्यमिता के केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। राज्य में उद्योगों और निवेश का विस्तार होने के साथ प्रशिक्षित मानव संसाधन की मांग भी बढ़ रही है। ऐसे में जरूरी है कि उद्योगों को उनकी जरूरत के अनुरूप दक्ष कर्मचारी प्रदेश में ही उपलब्ध हों और युवाओं को अपने कौशल के मुताबिक रोजगार मिल सके।
छत्तीसगढ़ के 30 शासकीय ITI का होगा आधुनिकीकरण
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की पहल पर केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई PM-SETU योजना के अंतर्गत देशभर के 1,000 शासकीय आईटीआई को आधुनिक बनाने के लिए लगभग 60 हजार करोड़ रुपये के निवेश का प्रावधान किया गया है।
छत्तीसगढ़ में इस योजना के क्रियान्वयन के लिए दुर्ग, कोरबा, सरगुजा, बस्तर, रायगढ़ और रायपुर सहित छह क्लस्टर चयनित किए गए हैं। इनके अंतर्गत छह हब आईटीआई और 24 स्पोक आईटीआई सहित कुल 30 शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों का उन्नयन प्रस्तावित है।
प्रदेश के छह क्लस्टरों में पांच वर्षों के दौरान लगभग 1,446 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। प्रत्येक क्लस्टर के लिए करीब 241 करोड़ रुपये का निवेश निर्धारित किया गया है। इसके अंतर्गत प्रत्येक हब आईटीआई के लिए 81 करोड़ रुपये और प्रत्येक स्पोक आईटीआई के लिए 40 करोड़ रुपये का प्रावधान बताया गया है।
योजना में केंद्र सरकार, राज्य सरकार और संबंधित उद्योग भागीदार की वित्तीय सहभागिता क्रमशः 50 प्रतिशत, 33 प्रतिशत और 17 प्रतिशत होगी। इसके माध्यम से आईटीआई में आधुनिक मशीनें, उपकरण, प्रयोगशालाएं और तकनीकी संसाधन विकसित किए जाएंगे।
दुर्ग क्लस्टर में भिलाई स्टील प्लांट बनेगा प्रमुख उद्योग भागीदार
दुर्ग क्लस्टर के लिए स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) की इकाई भिलाई स्टील प्लांट (BSP) एंकर इंडस्ट्री पार्टनर के रूप में सहभागी होगा। मुख्यमंत्री श्री साय की उपस्थिति में इस संबंध में एमओयू संपन्न हुआ।
इस क्लस्टर में शासकीय आईटीआई दुर्ग को हब आईटीआई बनाया जाएगा। वहीं शासकीय आईटीआई भिलाई, महिला आईटीआई भिलाई, राजनांदगांव और डौंडीलोहारा को स्पोक आईटीआई के रूप में शामिल किया गया है।
भिलाई स्टील प्लांट के औद्योगिक अनुभव और विशेषज्ञता से प्रशिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी। विद्यार्थियों को आधुनिक मशीनों, तकनीकों और औद्योगिक कार्यप्रणाली के अनुरूप व्यावहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा।
बस्तर के युवाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण से जोड़ने की पहल
बस्तर क्लस्टर के लिए एनएमडीसी लिमिटेड एंकर इंडस्ट्री पार्टनर के रूप में सहभागी होगा। मुख्यमंत्री श्री साय की उपस्थिति में एनएमडीसी के साथ भी एमओयू संपन्न किया गया।
इस क्लस्टर में शासकीय आईटीआई बस्तर को हब आईटीआई तथा जगदलपुर, गीदम, कोंडागांव और नारायणपुर के शासकीय आईटीआई को स्पोक आईटीआई के रूप में शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर जैसे जनजातीय और दूरस्थ क्षेत्रों के युवाओं तक गुणवत्तापूर्ण तकनीकी प्रशिक्षण पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। एनएमडीसी की भागीदारी से युवाओं को आधुनिक औद्योगिक कौशल सीखने और स्थानीय सहित प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में उपलब्ध रोजगार के अवसरों का लाभ लेने में सहायता मिलेगी।
सरगुजा और कोरबा क्लस्टर में भी उद्योगों की भागीदारी
सरगुजा क्लस्टर के लिए साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) ने एंकर इंडस्ट्री पार्टनर के रूप में भागीदारी की सहमति दी है। इस क्लस्टर के लिए टाटा IIS का चयन ऑपरेटिंग पार्टनर के रूप में किया गया है। एमओयू पर हस्ताक्षर की स्वीकृति के लिए प्रकरण विभाग को प्रस्तुत किया गया है और प्रारूप में आवश्यक संशोधन के लिए इसे SECL को भेजा गया है।
कोरबा क्लस्टर के लिए एनटीपीसी कोरबा ने एंकर इंडस्ट्री पार्टनर के रूप में भागीदारी की सहमति दी है। यहां ऑपरेटिंग पार्टनर के चयन की प्रक्रिया जारी है।
रायपुर और रायगढ़ क्लस्टर के लिए चयन प्रक्रिया जारी
रायपुर और रायगढ़ क्लस्टर के लिए एंकर इंडस्ट्री पार्टनर के चयन की प्रक्रिया भी चल रही है। इसके लिए राज्य के ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल के माध्यम से निविदाएं जारी की गई हैं।
रायपुर क्लस्टर के संबंध में हीरा ग्रुप से प्राप्त प्रश्नों का निराकरण किया जा चुका है। वहीं रायगढ़ क्लस्टर के लिए एनटीपीसी लारा से संपर्क कर योजना में भागीदारी और क्रियान्वयन को लेकर प्रारंभिक चर्चा की जा रही है।
हब-स्पोक मॉडल से मजबूत होगा कौशल प्रशिक्षण नेटवर्क
PM-SETU योजना में हब और स्पोक मॉडल के माध्यम से आईटीआई के बीच आधुनिक उपकरणों, तकनीकी संसाधनों, विशेषज्ञता और प्रशिक्षण सुविधाओं का बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा।
हब आईटीआई को उन्नत प्रशिक्षण और संसाधनों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। उनसे जुड़े स्पोक आईटीआई भी इन संसाधनों और विशेषज्ञता का लाभ उठा सकेंगे। इससे अलग-अलग क्षेत्रों के युवाओं तक गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण पहुंचाने में मदद मिलेगी।
उद्योग भागीदारों की सहभागिता से पाठ्यक्रमों को उद्योगों की बदलती जरूरतों के अनुरूप विकसित करने, प्रशिक्षकों का कौशल उन्नयन करने और विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव देने पर भी जोर रहेगा।
कौशल विकास से रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा, कौशल, उद्योग और रोजगार को एक-दूसरे से जोड़कर युवाओं के लिए अवसरों का मजबूत तंत्र विकसित कर रही है। औद्योगिक निवेश बढ़ने के साथ युवाओं को भविष्य की तकनीकों और आधुनिक उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि लक्ष्य ऐसा युवा तैयार करना है, जो अपने कौशल और नवाचार के माध्यम से न केवल रोजगार प्राप्त करे, बल्कि रोजगार सृजन और उद्यमिता में भी योगदान दे सके।
रोजगार, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि PM-SETU योजना प्रदेश के युवाओं के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण पहल है। आईटीआई के आधुनिकीकरण और उद्योगों की प्रत्यक्ष भागीदारी से युवाओं को गुणवत्तापूर्ण एवं रोजगारपरक प्रशिक्षण मिलेगा, जिससे रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर विकसित हो सकेंगे।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के सचिव श्री बसव राजू, संचालक श्री हेमंत नंदनवार, एनएमडीसी के कार्यपालक निदेशक श्री संजीव साही, SAIL के श्री पवन कुमार सहित संबंधित विभागों और औद्योगिक संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


