रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आरंग विकासखंड स्थित सतनाम पंथ की आस्था के प्रमुख केंद्र भंडारपुरी धाम में आयोजित गुरु दर्शन एवं संत समागम मेले में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने गुरुगद्दी आसन के दर्शन कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने लगभग 28.97 करोड़ रुपये की लागत के तीन सड़क विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। साथ ही क्षेत्र के लिए चार विकास कार्यों और अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण मद से 40 स्थानों पर लकड़ी के जैतखाम स्थापित करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास जी का सत्य, अहिंसा, करुणा, समानता और सामाजिक समरसता का संदेश संपूर्ण मानव समाज के लिए सदैव प्रासंगिक रहेगा। उनका अमर संदेश ‘मनखे-मनखे एक समान’ समाज को भेदभाव से ऊपर उठकर प्रेम, सद्भाव और समानता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
40 स्थानों पर स्थापित होंगे लकड़ी के जैतखाम
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब की मांग पर अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण मद से 40 स्थानों पर लकड़ी के जैतखाम स्थापित करने की घोषणा की। इस पहल को सतनामी समाज की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़े स्थलों के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में शिक्षा और नगरीय सुविधाओं के विस्तार के लिए चार निर्माण कार्यों की घोषणा की।
- ग्राम पंचायत खमतराई: हाई स्कूल भवन निर्माण के लिए 75 लाख रुपये।
- नगर पंचायत आरंग के ओड़का: नवीन प्राथमिक शाला भवन के लिए 30 लाख रुपये।
- नगरपालिका परिषद मंदिर हसौद: पीएम स्कूल में विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए 1 करोड़ रुपये।
- चंदखुरी: नगर पंचायत कार्यालय के नए भवन के निर्माण के लिए 85 लाख रुपये।
इन घोषणाओं से क्षेत्र में शैक्षणिक सुविधाओं और स्थानीय प्रशासनिक अधोसंरचना को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
28.96 करोड़ रुपये के तीन सड़क विकास कार्यों का भूमिपूजन
मुख्यमंत्री साय ने कुल 28 करोड़ 96 लाख 82 हजार रुपये की लागत के तीन सड़क विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इन कार्यों का उद्देश्य क्षेत्र में आवागमन को सुगम बनाना और गांवों के बीच सड़क संपर्क को मजबूत करना है।
प्रमुख कार्य इस प्रकार हैं:
- मोहंदी-अड़सेना मार्ग: 8 करोड़ 31 लाख 5 हजार रुपये की लागत से 4 किलोमीटर सड़क का चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण।
- नरदहा आंतरिक मार्ग: 3 करोड़ 30 लाख 78 हजार रुपये की लागत से 2 किलोमीटर लंबे मार्ग का निर्माण।
- छतौना-दरबा-कूटेसर-बड़गांव-कुंडा-नारा-लखौली मार्ग: 17 करोड़ 34 लाख 99 हजार रुपये की लागत से 29 किलोमीटर लंबे मार्ग का डामर नवीनीकरण।
इन कार्यों के पूरा होने से क्षेत्रीय आवागमन बेहतर होने के साथ ग्रामीणों को आने-जाने में सुविधा मिलने की उम्मीद है।
सतनामी समाज के युवाओं के लिए बढ़ाई गईं कोचिंग सीटें
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार सतनामी समाज की शैक्षणिक, सामाजिक और आर्थिक प्रगति के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। समाज के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी का अवसर देने के लिए दिल्ली स्थित कोचिंग संस्था में सीटों की संख्या 100 से बढ़ाकर 200 की गई है।
इससे अधिक युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने और अपने करियर में आगे बढ़ने का अवसर मिल सकेगा।
मुख्यमंत्री ने भंडारपुरी में मोती महल के भूमिपूजन का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार समाज की आस्था, संस्कृति और गौरव से जुड़े स्थलों के विकास एवं संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है।
बाबा गुरु घासीदास जी के आदर्शों पर आगे बढ़ेगा छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भंडारपुरी धाम सतनाम पंथ की आस्था के साथ छत्तीसगढ़ की समृद्ध सामाजिक-सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है। गुरु दर्शन एवं संत समागम मेला सामाजिक एकता, सद्भाव और आस्था की गौरवशाली परंपरा का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बाबा गुरु घासीदास जी के सत्य, करुणा, समानता और सामाजिक न्याय के आदर्शों के अनुरूप समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए कार्य कर रही है। सरकार का प्रयास है कि विकास की यात्रा में कोई भी समाज, वर्ग या क्षेत्र पीछे न रहे।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण इसी संकल्प का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने सभी से बाबा गुरु घासीदास जी के आदर्शों को अपनाने और सामाजिक समरसता मजबूत करने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सतनामी समाज का विकास: गुरु खुशवंत साहेब
तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सतनामी समाज निरंतर विकास की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि समाज की ओर से रखी गई विकास संबंधी मांगों पर मुख्यमंत्री ने संवेदनशीलता के साथ पहल की है।
मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने भंडारपुरी में मोती महल के भूमिपूजन और दिल्ली में प्रतियोगी परीक्षा कोचिंग की सीटें बढ़ाकर 200 किए जाने को समाज की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।


