रायपुर, 23 अक्टूबर 2026। जशपुर जिले के फरसाबहार तहसील अंतर्गत ग्राम बारो निवासी रामसाय पैंकरा के परिवार को उनकी दिवंगत पुत्री मनसुखनी बाई के निधन के बाद लंबित मुआवजा राशि के रूप में 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिली है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नाम सीएम कैंप कार्यालय बगिया में आवेदन देने के बाद संबंधित विभाग के माध्यम से आवश्यक कार्रवाई की गई, जिसके बाद परिवार को राहत मिली।
आंगनबाड़ी केंद्र में आग से झुलसने के बाद हुआ था निधन
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मनसुखनी बाई आंगनबाड़ी सहायिका के रूप में कार्यरत थीं। आंगनबाड़ी केंद्र में भोजन तैयार करने के दौरान आग लगने से वह गंभीर रूप से झुलस गई थीं। उपचार के दौरान 24 जनवरी 2024 को उनका निधन हो गया था। इस घटना के बाद परिवार लंबे समय से मुआवजा राशि मिलने की प्रतीक्षा कर रहा था।
सीएम कैंप कार्यालय बगिया में दिया था आवेदन
मुआवजा प्रकरण के निराकरण के लिए मनसुखनी बाई के पिता रामसाय पैंकरा ने सीएम कैंप कार्यालय बगिया पहुंचकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नाम लिखित आवेदन प्रस्तुत किया था। आवेदन में उन्होंने अपनी पुत्री के निधन की परिस्थितियों और लंबे समय से लंबित मुआवजा प्रकरण की जानकारी देते हुए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था।
मामले को संज्ञान में लेते हुए सीएम कैंप कार्यालय के माध्यम से संबंधित विभाग से आवश्यक कार्रवाई की पहल की गई। विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिवार को 4 लाख रुपये की मुआवजा राशि प्रदान की गई। लंबे समय से प्रतीक्षित सहायता मिलने से परिवार को आर्थिक राहत मिली है।
परिवार ने मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार
मुआवजा राशि मिलने पर रामसाय पैंकरा और उनके परिजनों ने कठिन समय में सहायता उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। परिवार को उम्मीद है कि इस आर्थिक सहायता से दैनिक जरूरतों को पूरा करने और आर्थिक कठिनाइयों से उबरने में मदद मिलेगी।
जरूरतमंदों की समस्याओं के निराकरण में मददगार बना सीएम कैंप कार्यालय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार, जशपुर जिले के बगिया स्थित सीएम कैंप कार्यालय में आम नागरिकों से प्राप्त आवेदनों को संबंधित विभागों तक पहुंचाकर उनके निराकरण के लिए पहल की जा रही है। दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों से लोग अपनी समस्याओं, लंबित प्रकरणों और सहायता संबंधी मांगों को लेकर कार्यालय पहुंचते हैं।
सीएम कैंप कार्यालय के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों को शासकीय योजनाओं और नियमानुसार उपलब्ध सहायता का लाभ दिलाने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय किया जाता है। रामसाय पैंकरा के परिवार को 4 लाख रुपये का मुआवजा मिलना इसी प्रक्रिया का एक उदाहरण है।


