रायपुर।अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में अनुकूल स्थितियों से मजबूती लेकर मानसून बहुत तेजी से उत्तर भारत की ओर बढ़ रहा है। पिछले हफ्ते मौसम विभाग ने बताया कि इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून 24 मई को केरल में शुरू हो गया, जो सामान्य समय से लगभग एक हफ्ता पहले है। 1975 के बाद केरल में सबसे जल्दी मानसून 19 मई 1990 को आया था, जो 13 दिन पहले था। छत्तीसगढ़ में भई मानसून की एंट्री हो गई है। आमतौर पर 8 जून के आसपास पहुंचने वाला मानसून इस बार 28 मई को ही दंतेवाड़ा को पार कर गया है।मौसम विभाग ने इसकी पुष्टि की है।
मौसम विभाग ने बताया कि ऐसा पहली बार हुआ है जब नौतपा में मानसून आया है। पिछले 30 सालों में प्रदेश में मानसून पहुंचने की सामान्य तारीख 15 जून है। पिछले साल 7 जून को बस्तर में मानसून आया था। लेकिन इस बार मानसून ने नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। मौसम विभाग के मुताबिक आसमान पर बादल छाए रहेंगे। गरज चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। नौतपा के चौथे दिन भी बारिश से अधिकतम तापमान में गिरावट है। भीषण गर्मी तो नहीं है, लेकिन उमस ने परेशानी बढ़ा दी है।

आईएमडी ने छत्तीसगढ़ के 29 जिलों के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें से कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है, जिसमें तेज बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। इन जिलों में शामिल हैं। सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, राजनांदगांव, रायपुर, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, बिलासपुर, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली। वहीं येलो अलर्ट उन जिलों के लिए जारी किया गया है जहां मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई गई है। धमतरी, बालोद, गरियाबंद, महासमुंद, रायगढ़, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा मरवाही, सुरगुजा, सूरजपुर, कोरिया, बलरामपुर।


