गोरखपुर। पुलिस विभाग ने नई नियुक्ति के बाद ट्रेनिंग के लिए आए महिला आरक्षकों को ऐसा आदेश दिया है कि पूरा महकमा हिल गया है। दरअसल डीआईजी ने अविवाहित महिला आरक्षकों को प्रेग्नेंसी टेस्ट करवाने का निर्देश दिया है। डीआईजी के निर्देशानुसार कई महिला आरक्षकों की जांच भी कई गई, लेकिन मामला आगे बढ़ता इससे पहले ही पुलिस मुख्यालय को इस बात की भनक लग गई और आईजी ने इस प्रक्रिया पर रोक लगा दी।
मिली जानकारी के अनुसार गोरखपुर पीटीएस में 513 नव नियुक्त महिला आरक्षकों को ट्रेनिंग के लिए भेजा गया है। ट्रेनिंग से पहले सभी महिला आरक्षकों का मेडिकल टेस्ट होना था, जिसके लिए बकायदा मेडिकल की टीम भी बुलाई गई। लेकिन इस बीच पीटीएस डीआईजी ने आदेश जारी करते हुए अविवाहित महिला आरक्षकों की प्रेग्नेंसी टेस्ट करने की बात कही। मेडिकल टीम ने डीआईजी के निर्देश पर कुछ महिला आरक्षकों की जांच भी की। लेकिन जैसे ही मामला पुलिस मुख्यालय तक पहुंचा, हड़कंप मच गया और आदेश पर तत्काल रोक लगा दिया गया। वहीं, डीआईजी को आदेश निरस्त कर शपथ पत्र मांगने का निर्देश दिया गया है।
मामले की जानकारी होते ही आईजी ट्रेनिंग चंद्र प्रकाश ने डीआईजी का आदेश निरस्त कर दिया। उन्होंने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि किसी महिला आरक्षी की जांच नहीं कराई जाएगी। यदि कोई रिक्रूट गर्भवती है तो वह स्वयं शपथ पत्र देकर बाद के बैच में जा सकती। शादीशुदा आरक्षी की जांच होती है, जबकि कुंवारी युवतियों को एक शपथ पत्र देना होता है कि वे गर्भवती नहीं हैं। जो गर्भवती होती हैं तो उन्हें ट्रेनिंग से अलग कर दिया जाता है।

