नई दिल्ली। आज सुबह ठीक 11:45 बजे देशभर के करोड़ों मोबाइल फोन पर अचानक तेज सायरन और अलर्ट मैसेज आने लगे। इससे कई लोग घबरा गए और कुछ देर के लिए अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई। हालांकि बाद में स्पष्ट हुआ कि यह कोई आपात स्थिति नहीं, बल्कि भारत सरकार द्वारा किया गया एक ट्रायल था।
दरअसल, दूरसंचार विभाग और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) ने देशभर में नए मोबाइल आधारित डिजास्टर अलर्ट सिस्टम की टेस्टिंग की। इस दौरान लोगों के मोबाइल पर एक इमरजेंसी अलर्ट मैसेज भेजा गया और सायरन की आवाज सुनाई दी।
सरकार ने साफ कहा है कि यह केवल एक टेस्टिंग प्रक्रिया थी, इसलिए लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। इसका उद्देश्य यह जांचना है कि किसी प्राकृतिक आपदा, भूकंप, बाढ़, तूफान या अन्य आपात स्थिति के समय लोगों तक तुरंत चेतावनी पहुंचाई जा सके।
बताया जा रहा है कि इस सिस्टम में सेल ब्रॉडकास्ट टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है। इसकी मदद से किसी विशेष क्षेत्र में मौजूद सभी मोबाइल फोन पर एक साथ रियल टाइम अलर्ट भेजा जा सकता है।
सरकार के अनुसार, इस तकनीक को पूरी तरह भारत में विकसित किया गया है। इसे सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स (C-DOT) ने डिजाइन और डेवलप किया है।
इस ट्रायल के जरिए सरकार सिस्टम की विश्वसनीयता, परफॉर्मेंस और इमरजेंसी के दौरान उसकी क्षमता को परखना चाहती है, ताकि भविष्य में आपदा के समय लोगों को तुरंत सुरक्षित किया जा सके।


