भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस में इन दिनों आंतरिक कलह खुलकर सामने आ रही है। उज्जैन में पार्टी लाइन से हटकर गतिविधियों और अनुशासनहीनता को लेकर कांग्रेस की प्रदेश अनुशासन समिति ने कड़ा रुख अपनाया है। समिति के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने उज्जैन के 50 नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
बता दें कि कांग्रेस जिलाध्यक्षों की नियुक्ति के वक्त उज्जैन में महेश परमार की नियुक्ति का विरोध करते हुए पार्टी नेताओं ने प्रदेश प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष का पुतला जलाया था। इसे पार्टी नेतृत्व ने अनुशासनहीनता माना है। अनुशासन समिति ने नोटिस में यह स्पष्ट किया है कि संगठन की स्वीकृति के बिना समानांतर गतिविधियां और सार्वजनिक रूप से पार्टी नेतृत्व का विरोध करना कांग्रेस के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। जिन नेताओं को नोटिस भेजा गया है, उनसे सात दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है।

पार्टी की ओर से अनुशासनहीनता पर नोटिस मिलने के बाद अब असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है। कांग्रेस प्रदेश महासचिव चेतन यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा कि बधाई हो साथियों सुना है भोपाल से प्रेम पत्र आया है।

