नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सोमवार को बड़ा निर्णय लेते हुए नितिन नबीन को पार्टी का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया है। पार्टी की ओर से उनके नाम का आधिकारिक ऐलान कर दिया गया है। नितिन नबीन को निर्विरोध रूप से भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया है और वे मंगलवार को औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण करेंगे।
पार्टी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी लक्ष्मण द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नितिन नबीन के समर्थन में नामांकन पत्रों के कुल 37 सेट प्राप्त हुए थे। सभी नामांकन निर्धारित फॉर्मेट में सही पाए गए और वैध घोषित किए गए। नाम वापस लेने की समय-सीमा समाप्त होने के बाद केवल नितिन नबीन का नाम ही शेष रहा, जिसके चलते उन्हें निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया।
भाजपा के 45 साल के इतिहास में 12वें अध्यक्ष
भारतीय जनता पार्टी के 45 साल के राजनीतिक इतिहास में नितिन नबीन 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष बने हैं। इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी जैसे दिग्गज नेता पार्टी की कमान संभाल चुके हैं। नितिन नबीन भाजपा के अब तक के सबसे कम उम्र के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं।
कैसे हुई राजनीति में शुरुआत
नितिन नबीन का राजनीति में प्रवेश योजनाबद्ध नहीं बल्कि परिस्थितिजन्य था। वर्ष 2006 में उनके पिता, भाजपा के वरिष्ठ नेता और बिहार के पूर्व विधायक नवीन किशोर सिन्हा के निधन के बाद पार्टी ने उन्हें पटना पश्चिम उपचुनाव में उम्मीदवार बनाया। उस समय महज 26 वर्ष की उम्र में नितिन नबीन ने पढ़ाई छोड़कर सक्रिय राजनीति में कदम रखा और उपचुनाव में शानदार जीत दर्ज की।
प्रमुख राजनीतिक जिम्मेदारियां
नितिन नबीन वर्ष 2021 से भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के एक्स-ऑफिशियो सदस्य रहे हैं और मध्य भारत, विशेष रूप से छत्तीसगढ़ राज्य के प्रभारी की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं। 2021 में उन्हें नीतीश कुमार सरकार में मंत्री बनाया गया था, हालांकि 2022 में राजनीतिक बदलाव के चलते उनका यह कार्यकाल छोटा रहा। इसके बाद उन्होंने छत्तीसगढ़ में संगठनात्मक जिम्मेदारियों पर अधिक फोकस किया।
राजनीतिक सफर की शुरुआत उन्होंने RSS की छात्र इकाई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से की थी। उनके पिता भी संघ परिवार की विचारधारा से गहराई से जुड़े रहे।

