छत्तीसगढ़ युवा विकास संगठन द्वारा संचालित विप्र कला, वाणिज्य एवं शारीरिक शिक्षा महाविद्यालय रायपुर में “रंग तरंग” वार्षिक स्नेह सम्मेलन का भव्य एवं गरिमामय आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में न्यायमूर्ति दीपक तिवारी (सेवानिवृत्त न्यायाधीश, उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता राकेश चतुर्वेदी (आईएफएस, सेवानिवृत्त वन बल प्रमुख एवं प्रधान मुख्य वन संरक्षक, छत्तीसगढ़) ने की।
युवा पीढ़ी में असीम संभावनाएं, लेकिन संयम और मर्यादा आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता
रंग तरंग कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति दीपक तिवारी ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी में अपार संभावनाएं हैं, किंतु असंयमित व्यवहार और अनुशासनहीन आचरण उनकी प्रगति में सबसे बड़ी बाधा बन रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मर्यादा, आदर्श, संतोष, संयम, एकाग्रता और परिश्रम जैसे मूल्यों को शिक्षा के पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना अत्यंत आवश्यक है। साथ ही शिक्षकों और अभिभावकों को भी अपने आचरण से विद्यार्थियों के लिए आदर्श प्रस्तुत करना चाहिए।
चरित्र निर्माण और निरंतर परिश्रम से ही उज्ज्वल भविष्य का निर्माण संभव
उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता करते हुए राकेश चतुर्वेदी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि चरित्र निर्माण के साथ-साथ लगन, निष्ठा और सतत परिश्रम ही जीवन में सफलता की कुंजी है। उन्होंने विद्यार्थियों से लक्ष्य के प्रति ईमानदारी और अनुशासन बनाए रखने का आह्वान किया।
प्रबंध समिति और संगठन पदाधिकारियों ने विद्यार्थियों को दी शुभकामनाएं
विप्र सांस्कृतिक प्रबंध भवन समिति के अध्यक्ष नरेंद्र तिवारी एवं संरक्षक अरुण शर्मा ने भी विद्यार्थियों को इस आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ युवा विकास संगठन के अध्यक्ष ज्ञानेश शर्मा ने अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि न्यायमूर्ति दीपक तिवारी और राकेश चतुर्वेदी दोनों ही सामान्य परिवार से निकलकर अपनी मेहनत, लगन और संघर्ष के बलबूते उच्च पदों तक पहुंचे हैं। विद्यार्थियों को उनसे प्रेरणा लेने के उद्देश्य से ही उन्हें आमंत्रित किया गया है।
मां सरस्वती की पूजा और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
समारोह की शुरुआत मां सरस्वती की पूजा अर्चना एवं दीप प्रज्वलन के साथ की गई। इसके बाद कार्यक्रम ने सांस्कृतिक रंगों में रंगना शुरू किया।
तीन घंटे तक चले रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दर्शकों को बांधे रखा
कार्यक्रम की जानकारी देते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. मेघेश तिवारी ने बताया कि उद्घाटन समारोह के पश्चात विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने लगभग तीन घंटे तक दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना से हुई।
नवदुर्गा नृत्य, कृष्ण-सुदामा नाटिका और छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य ने मोहा मन
शिक्षा विभाग के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत नवदुर्गा नृत्य ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। कंप्यूटर विभाग द्वारा प्रस्तुत कृष्ण-सुदामा चरित्र पर आधारित नृत्य नाटिका ने सभागार में आनंद और भावनाओं का वातावरण बना दिया। कॉमर्स विभाग द्वारा प्रस्तुत छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
शिव तांडव और योग नृत्य के अद्भुत प्रदर्शन से दर्शक हुए अचंभित
इसके पश्चात शिक्षा विभाग द्वारा प्रस्तुत शिव तांडव ने दर्शकों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया। योग विभाग द्वारा योग और नृत्य के अद्भुत करतबों ने सभी को आश्चर्यचकित कर दिया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सभागार में साकार हुआ लघु भारत
कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़, दक्षिण भारत, उत्तर भारत एवं अन्य प्रांतों की सांस्कृतिक और लोकनृत्य प्रस्तुतियों ने सभागार को एक लघु भारत का रूप दे दिया। इस वर्ष के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि अधिकांश प्रस्तुतियां देशभक्ति और आध्यात्मिक भावनाओं से प्रेरित थीं।
वरिष्ठ नेताओं, प्रबंध समिति, प्राध्यापकों और अभिभावकों की रही गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर वरिष्ठ भाजपा नेता सुभाष तिवारी सहित प्रबंध समिति के सदस्य उमाकांत तिवारी, आनंद पांडेय, प्रकाश तिवारी, संजय दीवान, राजेंद्र तिवारी, विभा तिवारी, कुसुम तिवारी, प्रीति शुक्ला उपस्थित रहे। वार्षिक उत्सव के संयोजक डॉ. दिव्या शर्मा, डॉ. आराधना शुक्ला एवं समारोह का सफल संचालन डॉ. निधि श्री शुक्ला द्वारा किया गया।
वार्षिक स्नेह सम्मेलन में बड़ी संख्या में विद्यार्थी, प्राध्यापक और पालक रहे मौजूद
वार्षिक स्नेह सम्मेलन में महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक, विद्यार्थी एवं उनके अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और कार्यक्रम की भूरी-भूरी प्रशंसा की।


