मुंबई। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) के विधायक रोहित पवार ने पूर्व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार से जुड़े विमान हादसे की जांच में कथित देरी को लेकर एक बार फिर सवाल उठाए हैं। हादसे को करीब 20 दिन बीत जाने के बाद उन्होंने कहा कि जांच की रफ्तार बेहद धीमी है, जिससे आम लोगों के मन में पारदर्शिता को लेकर संदेह उत्पन्न हो रहा है।
कर्जत-जामखेड से विधायक रोहित पवार ने आरोप लगाया कि जांच एजेंसियां अब तक अपेक्षित सक्रियता नहीं दिखा पाई हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए तेजी से और पारदर्शी तरीके से जानकारी साझा की जानी चाहिए।
जल्द करेंगे प्रेस कॉन्फ्रेंस
रोहित पवार ने दावा किया कि ब्लैक बॉक्स के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी सामने आई है, हालांकि इस संबंध में डीजीसीए (DGCA) या एएआईबी (AAIB) की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या जांच में देरी किसी पक्ष को लाभ पहुंचाने के लिए की जा रही है।
उन्होंने कहा कि वे जल्द ही इस मुद्दे पर विस्तृत जानकारी साझा करने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे।
AAIB ने साझा किया स्टेटस
नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार, एएआईबी और डीजीसीए की टीमें 28 जनवरी को घटनास्थल पर पहुंची थीं और ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिया गया है। मंत्रालय ने बताया है कि जांच एएआईबी नियम, 2025 के तहत की जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ब्लैक बॉक्स को अत्यधिक तापमान, झटकों और पानी में डूबने जैसी परिस्थितियों को सहने के लिए डिजाइन किया जाता है, ताकि दुर्घटना की स्थिति में डेटा सुरक्षित रहे। हालांकि हादसे के लगभग 20 दिन बाद भी जांच एजेंसियों की ओर से कोई विस्तृत सार्वजनिक अपडेट जारी नहीं किया गया है।
संजय राउत का समर्थन
शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने रोहित पवार के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि यदि परिवार को जांच प्रक्रिया पर कोई संदेह है, तो उन्हें अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है। उन्होंने यह भी कहा कि आवश्यकता पड़ने पर परिवार स्वतंत्र एजेंसी से अलग जांच कराने का विकल्प चुन सकता है।
फिलहाल जांच एजेंसियों की आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार है, जिसके बाद ही हादसे के कारणों को लेकर स्पष्ट स्थिति सामने आ सकेगी।

