बिलासपुर/रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित रामावतार जग्गी हत्याकांड में बड़ा मोड़ आया है। बिलासपुर हाईकोर्ट ने अमित जोगी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
कोर्ट ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और 120-बी (अपराधिक षड्यंत्र) के तहत दोष सिद्ध करते हुए यह सजा दी। साथ ही 1,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है, जुर्माना नहीं देने पर 6 माह की अतिरिक्त सजा का प्रावधान रखा गया है।
हाईकोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट कहा कि जब सभी आरोपियों पर एक ही अपराध में सहभागिता हो, तो किसी एक को अलग राहत देना कानूनन गलत है।
यह फैसला वर्ष 2007 में ट्रायल कोर्ट द्वारा दिए गए बरी के निर्णय को पूरी तरह पलटता है, जिसमें अन्य 28 आरोपियों को सजा हुई थी, लेकिन अमित जोगी को दोषमुक्त कर दिया गया था।
अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के लिए 20 अप्रैल की तारीख तय की है। जोगी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी है।
गौरतलब है कि 4 जून 2003 को NCP नेता रामावतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद यह मामला प्रदेश के सबसे चर्चित केसों में शामिल हो गया।

