कोरिया। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के सोनहत थाना क्षेत्र के नौगई गांव में रेत तस्करी को लेकर चल रहे विवाद ने खूनी रूप ले लिया। भाजपा के पूर्व जनपद उपाध्यक्ष भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह को कथित तौर पर उनकी फॉर्च्यूनर कार में जिंदा जला दिया गया। इस घटना में गंभीर रूप से झुलसे उनके भाई नागेंद्र सिंह की भी इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हैं।
फॉर्च्यूनर कार को घेरकर लगाई आग
जानकारी के अनुसार, मंगलवार देर रात कुछ हमलावर भरत सिंह के घर के बाहर पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने डंपर लगाकर फॉर्च्यूनर कार का रास्ता रोका और वाहन पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी।
उस समय कार में भरत सिंह, उनके भाई नागेंद्र सिंह, रायपुर निवासी वीरू सिंह और एक अन्य व्यक्ति सवार थे। आरोप है कि हमलावरों ने उन्हें बाहर निकलने का मौका भी नहीं दिया।
भरत सिंह की मौके पर मौत, भाई ने अस्पताल में तोड़ा दम
आग लगने से भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। गंभीर रूप से झुलसे नागेंद्र सिंह समेत तीन लोगों को तत्काल अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां नागेंद्र सिंह ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
अन्य दो घायलों को बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया है।
रेत घाट विवाद से जुड़ा मामला
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, नौगई रेत घाट के संचालन को लेकर लंबे समय से दो पक्षों के बीच विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि भरत सिंह के एक रिश्तेदार ने रेत घाट का ठेका लिया था, जबकि दूसरे पक्ष से पुरानी रंजिश चली आ रही थी।
आईजी पहुंचे मौके पर, जांच तेज
घटना की गंभीरता को देखते हुए सरगुजा रेंज के आईजी दीपक झा देर रात घटनास्थल पहुंचे और जांच का जायजा लिया। पुलिस ने मौके से कार का साइड मिरर, चप्पल समेत अन्य साक्ष्य जब्त किए हैं।
मामले में कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
राजनीति में सक्रिय थे भरत सिंह
भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह क्षेत्र की राजनीति में सक्रिय रहे हैं। वे पहले वरिष्ठ नेता रामचंद्र सिंहदेव के करीबी माने जाते थे और बाद में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से जुड़ गए थे।

