रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रविवार को कबीर जयंती महोत्सव में शामिल हुए। ज्येष्ठ पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने संत कबीर को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके विचारों और जीवन दर्शन को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि संत कबीर के दोहे और उनके संदेश आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने सदियों पहले थे। उनके विचार सामाजिक समरसता, सादगी, सत्य और आपसी प्रेम का संदेश देते हैं।
वैवाहिक जीवन पर संत कबीर की प्रेरक सीख
कबीर जयंती के अवसर पर संत कबीर से जुड़ा एक प्रेरक प्रसंग भी याद किया गया। कथा के अनुसार, एक युवक अपने वैवाहिक जीवन में लगातार हो रहे विवादों से परेशान होकर संत कबीर के पास समाधान मांगने पहुंचा।
उस समय संत कबीर कपड़ा बुन रहे थे। उन्होंने युवक को बैठाया और अपनी पत्नी लोई को दिन के उजाले में लालटेन जलाकर लाने के लिए कहा। बिना कोई प्रश्न किए लोई जलती हुई लालटेन लेकर आ गईं।
कुछ देर बाद कबीर ने अतिथि के लिए मीठा लाने को कहा, लेकिन लोई मीठे की जगह नमकीन लेकर आईं। इसके बावजूद संत कबीर ने कोई नाराजगी या शिकायत नहीं की।
यही था सुखी दांपत्य का संदेश
इस प्रसंग के माध्यम से संत कबीर ने समझाया कि विश्वास, धैर्य, सम्मान और एक-दूसरे की छोटी-छोटी बातों को सहजता से स्वीकार करना ही सुखी वैवाहिक जीवन की सबसे बड़ी कुंजी है। उनके अनुसार, हर बात पर तर्क और विवाद करने के बजाय संयम और समझदारी से रिश्तों को मजबूत बनाया जा सकता है।


