रायपुर। राजधानी रायपुर के सिविल लाइन स्थित एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) के कार्यालय में हुई 7.80 लाख रुपये की चोरी का पुलिस ने महज 30 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया कि वारदात का मास्टरमाइंड कार्यालय का पूर्व कर्मचारी था, जिसे ऑफिस में रखी नकदी और सुरक्षा व्यवस्था की पूरी जानकारी थी।
पुलिस के अनुसार, सुंदर नगर निवासी अपर्णा नायक, जो तारवानी एंड एसोसिएट्स में कैशियर हैं, ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 21 जुलाई की सुबह कार्यालय पहुंचने पर कैश काउंटर का लॉक कटर से कटा हुआ मिला और उसमें रखी लाखों रुपये की नकदी गायब थी। शिकायत के आधार पर सिविल लाइन थाना में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 331(4) और 305 के तहत मामला दर्ज किया गया।
30 घंटे में खुला चोरी का राज
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला और पुलिस उपायुक्त (मध्य) तारकेश्वर पटेल के निर्देशन में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा सिविल लाइन थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने जांच शुरू की। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, कर्मचारियों से पूछताछ की और आसपास लगे CCTV फुटेज तथा तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया।
पूर्व कर्मचारी निकला मास्टरमाइंड
जांच के दौरान पुलिस का संदेह कार्यालय के पूर्व कर्मचारी उमेश पोर्ते पर गया, जिसने कुछ समय पहले नौकरी छोड़ दी थी। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उसे बिलासपुर से हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसने चोरी की वारदात कबूल करते हुए बताया कि उसने अपने साथी लक्ष्मीनारायण ध्रुव के साथ मिलकर योजना बनाकर चोरी की थी।
7.80 लाख रुपये नकद बरामद
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 7.80 लाख रुपये की चोरी की पूरी नकदी बरामद कर ली है।
पहले भी जा चुका है जेल
जांच में यह भी सामने आया कि मुख्य आरोपी उमेश पोर्ते पहले भी मारपीट के मामलों में जेल जा चुका है। फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पूरी कर उन्हें न्यायालय में पेश कर दिया है।


